आलियागंज बवाल के बाद से जेल में बंद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम को शुक्रवार को एक और झटका लगा है। जिला जज की अदालत से उनकी जमानत याचिका अदालत से खारिज हो गई है। अब सलाम अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
आलियागंज में स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स की सड़क निर्माण के लिए कुछ मकान तोड़े जाने के विरोध में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम भूख हड़ताल पर बैठे थे। 24 अप्रैल की सुबह पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से उठा लिया था। इस पर भड़के ग्रामीणों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ था। हिरासत में लिए गए अब्दुल सलाम पर शांतिभंग के साथ ही पुलिस पर जानलेवा हमला करने और बवाल करने के मामले में अजीमनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पूर्व जिपं अध्यक्ष समेत पांच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल में बंद सलाम की ओर से सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। इसमें कई पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं। साथ ही आठ गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया है, लिहाजा जमानत अर्जी निरस्त की जाए। उधर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को पुलिस ने राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला जज सरोज यादव न े पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम की जमानत याचिका खारिज कर दी।