शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मंदिर बनाने की तारीख पूछने के बयान पर सपा नेता आजम खां ने कहा है कि अगर मंदिर बनाने वाले भी तारीख पूछेंगे तो फिर मंदिर कैसे बनेगा। उन्होंने कहा कि यह तो खुद तारीख बताने वाले हैं। भारत सरकार में हिस्सेदार हैं। यह तो बड़ी कमशर्मी की बात है कि जो लोग भारत सरकार में हैं और जिन्होंने मस्जिद गिराई है, वह मंदिर बनाने की तारीख पूछ रहे हैं।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में आजम खां ने कहा कि यह सच्ची बात है कि भाजपा ने मस्जिद नहीं गिराई थी और शिवसेना ने इस वक्त मंदिर बनाने की अगुवाई की है। इस संग्राम में मुसलमान कहीं नहीं है और हम तो एक बात और कहना चाहते हैं अपने हिंदू भाइयों से खासतौर से।
जब तक छह दिसंबर 1992 नहीं आया था और मस्जिद के मिम्बर पर मूर्तियां रखीं थी वह अल्लाह के घर यानी मस्जिद का अपमान था। वो हमें मजबूरी में सहना पड़ा, लेकिन छह दिसंबर 1992 को कम से कम इस अपमान से हमें छुट्टी मिल गई कि वहां से मस्जिद का हर निशान मिट गया।
बाकी चीजें इतिहास तय करेगा लेकिन जो मस्जिद का अपमान हो रहा था वह छह दिसंबर 1992 को खत्म हो गया। आजम खां ने कहा कि 1949 से वहां मंदिर है। इमारत की शक्ल बदल जाए इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। मंदिर कब बनेगा? कब निर्माण शुरू होगा? यह भाजपा तय करेगी हम तो करेंगे नहीं।
आजम खां ने कहा कि असल में यह सारी बदतमीजी अकबर बादशाह के जमाने में हुई है। अब बताओ जोधा से क्यों शादी कर ली आपने? यह बदतमीजी की बात है और उनके भाई को सिपहसालार बना दिया और वो तैयार भी गए। बदतमीजी तो तब से शुरू हुई उसको पूरा कर दिया मुख्तार अब्बास नकवी ने और शाहनवाज साहब ने। अब यह बताएं कि यह लव जेहाद है कि नहीं।