रामपुर। शत्रु संपत्ति की जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेर कर उसे जौहर विवि में शामिल करने के मामले में कोर्ट ने सपा नेता आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, बहन निकहत अखलाक और बेटे अदीब आजम को अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। इससे पहले बुधवार को तीनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर किया और जमानत की अर्जी दाखिल की। एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट ने तीनों को अंतरिम जमानत देते हुए स्थायी जमानत पर सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
शत्रु संपत्ति की जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के आरोप मेें अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद ने मई 2020 में सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद सहित अन्य कई अज्ञात के नाम शामिल थे। पुलिस ने विवेचना में मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों (आजम खां, उनकी पत्नी, बहन, दोनों बेटों और अन्य कई करीबियों) का नाम शामिल कर लिया था। इस मामले में कोर्ट ने मंगलवार को आजम खां के छोटे बेटे अब्दुल्ला को जमानत दी थी।
बुधवार को इस मामले की आरोपी आजम खां की पत्नी, बहन और बड़े बेटे ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल की कोर्ट में सरेंडर कर दिया और जमानत की अर्जी दाखिल की। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया। जबकि बचाव पक्ष ने दलील दी कि आजम परिवार को झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने डाॅ. तजीन फात्मा, अदीब आजम और निकहत अखलाक की अंतरिम जमानत याचिका 24 फरवरी तक के लिए मंजूर कर ली है।