रामपुर के स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई है। इसमें एक मुकदमे में सपा नेता आजम खां भी आरोपी हैं। लिहाजा, वह कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट में वह सुनवाई प्रक्रिया में शामिल हुए।
वर्ष 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने गंज और सिविल लाइंस थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसमें जन्म प्रमाण पत्र के मामले में थाना गंज में मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मुकदमे में सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया गया था। जबकि, सिविल लाइंस थाने में दर्ज दो पासपोर्ट के मामले में सिर्फ अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया है।
मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में चल रही है। शनिवार को दोनों ही मामलों में सुनवाई है। लिहाजा, जेल से बाहर आने के बाद अब वह भी कोर्ट की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहेंगे। इसके लिए वह घर से 11ः55 बजे कोर्ट जाने के लिए रवाना हो गए। दोपहर करीब सवा बारह बजे वह कोर्ट पहुंच गए। उनके साथ अब्दुल्ला आजम भी हैं।
बिजनौर के पूर्व विधायक और मेरठ के पूर्व मंत्री से मिले आजम
सीतापुर जेल से रिहा होकर शुक्रवार को रामपुर पहुंचे आजम खां से मिलने के लिए शनिवार को भी उनके आवास पर नेताओं की भीड़ लगी रही। सुबह 10ः22 बजे बिजनौर के पूर्व विधायक नईम उल हसन अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। जबकि, मेरठ से आए पूर्व मंत्री मुकेश सिद्धार्थ भी अपने समर्थकों के साथ आजम खां के आवास पर पहुंचे। दोपहर करीब 12.00 बजे कोर्ट जाते समय आजम खां ने इन नेताओं से मुलाकात की। नेताओं व समर्थकों ने उनके घर से बाहर निकलते ही फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। आजम खां भी गर्मजोशी के साथ कार्यकर्ताओं से मिले और उनका हालचाल जाना। जिसके बाद आजम खां कोर्ट के लिए रवाना हो गए।
मुलायम सिंह हमारे नेता, अखिलेश हमारे नेता नहीं
पूर्व मंत्री मुकेश सिद्धार्थ ने आजम खां के आवास पर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आजम खां से आखिरी मुलाकात उनके जेल जाने से पहले हुई थी। यह बड़ी खुशी की बात है कि आजम खां जेल से बाहर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे फर्जी हैं। अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमारे नेता नहीं हैं। हमारे नेता मुलायम सिंह हैं। हम मुलायम और आजमवादी हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जमीनी नेता नहीं हैं। वो सिर्फ कार में घूमते हैं। उन्होंने कोई आंदोलन नहीं किया। साथ ही कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट पार्टी के नेताओं को न देकर माफियाओं को दिया गया। यदि वे जमीनी नेता होते, तो निश्चित रूप से प्रदेश में सपा की सरकार बनती। उन्होंने कहा कि यदि आजम खां पार्टी से चले जाते हैं, तो सपा पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। पार्टी की जो नींव टिकी है, वह आजम खां और मुलायम सिंह के ऊपर ही है।