प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने दादरी के बिसाहड़ा के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव बान की मून को पत्र भेजा है। अपने दो पन्ने के पत्र में आजम खां ने केंद्र सरकार पर आरएसएस के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए जाने की साजिश रची जा रही है। विदित रहे कि आजम खां ने शनिवार को रामपुर में कहा था कि वो बिसाहड़ा के मुद्दे को लेकर यूएन में अपनी बात रखेंगे। इसके लिए यूएन के दिल्ली कार्यालय से मिलने के लिए वक्त मांगेंगे। आजम खां ने सोमवार को इस मुद्दे को लेकर यूएन महासचिव को पत्र भेजा है।
आजम खां ने पत्र में महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहर लाल नेहरू का भी जिक्र ने किया है। आजम खां ने कहा कि केंद्र में जब से नई सरकार ने शपथ ली है, माहौल बदला-बदला सा है। सरकार ने संविधान के नाम पर शपथ तो ली है, लेकिन काम आरएसएस के एजेंडे पर कर रही है।
आरएसएस से जुड़े लगभग 40 संगठन देशभर में फैले हुए हैं। ये संगठन भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने यूएन से दखल की मांग करते हुए कहा कि 2022-23 तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की योजना तैयार जा रही है।
आजम खां कहा कि वो इस मुद्दे को यूएन में इसलिए उठा रहे हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी स्थानीय मुद्दे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा रहे हैं। वो विदेशों में एकता का गुणगान करते है, लेकिन देश की जमीनी हकीकत कुछ और है। इसलिए हम भी भारत में सांप्रदायिक हिंसा के बढ़ते मामलों का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे।