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Azam Khan: सपा नेता आजम खां को रामपुर कोर्ट से बड़ी राहत, डूंगरपुर प्रकरण में बरी, जेल से लाए गए कोर्ट

Wed, 31 Jan 2024 03:37 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

रामपुर की एक कोर्ट से सपा नेता आजम खां का बड़ी राहत मिली है। डूंगरपुर बस्ती को खाली करने के मामले में आजम समेत पूर्व पालिकाध्यक्ष को बरी कर दिया गया है। वर्ष 2019 में दर्ज किए गए मुकदमे में सभी पर मारपीट, डकैती समेत आपराधिक साजिश रचने का आरोप था।
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आजम खां - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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डूंगरपुर बस्ती में महिला के घर में घुसकर डकैती डालने, मारपीट करने व आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में सपा नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां व रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत सात लोगों को कोर्ट ने राहत देते हुए उन्हें साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान सपा नेता सीतापुर जेल से जबकि पूर्व चेयरमैन अजहर अहमद खां को बिजनौर जेल से कोर्ट में पेश किया गया।

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गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के 12 मुकदमे वर्ष 2019 में दर्ज हुए थे। इनमें से एक मामले में बस्ती निवासी रूबी पत्नी करामत अली ने भी मुकदमा दर्ज कराते हुए 25 जुलाई 2019 को आरोप लगाया था कि पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फिरोज खां, रानू खां, ओमेन्द्र चौहान ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट व गाली गलौज की।

 

आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने आजम खां को भी आरोपी बनाया था। उन पर डकैती डालने के साथ ही पूरे प्रकरण का षड्यंत्र रचने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। बुधवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया।

एमपीएमएलए सेशन कोर्ट विजय कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सपा नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां,ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फिरोज खां, रानू खां, ओमेंद्र चौहान को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इससे पहले सपा नेता आजम खां को सीतापुर जेल से जबकि पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
 

क्या है मामला

25 जुलाई 2019 को बस्ती निवासी रूबी ने गंज थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि तीन फरवरी 2016 को सपा शासनकाल में बस्ती खाली कराने के नाम पर आरोपी लोग उनके घर में घुस आए और उनके साथ मारपीट और गाली गलौज की। आरोप लगाया था कि सपा नेता आजम खां की शह पर आरोपियों ने उनसे 15 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद चार्जशीट दाखिल की और फिर कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
 
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किसके पास से कितने नोट हुए थे बरामद

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार रूबी के मकान से लूटे गए 15 हजार रुपयों में से फिरोज खां के डेढ़ हजार रुपये, रानू खां के कब्जे से छह हजार रुपये, ठेकेदार बरकत अली खां के कब्जे से आठ हजार रुपये बरामद हुए थे।

अभियोजन ने यह पेश किए गवाह

वादी रूबी, मेराजउद्दीन, एहतेशाम खां, शफीक बानो, रजिया, शकील अहमद, मोहम्मद असलम, शफायत उल्ला, एसआई श्रीकांत सत्यार्थी, राम किशोर गौतम, वीरपाल, कांस्टेबल परवेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार त्यागी, शरद पंवार, धर्मेंद्र सोलंकी।

 

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