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Himachal: शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और वित्त पोषण के लिए यूआईडीएफ को भेजी जाएंगी प्राथमिकता

Tue, 30 Jan 2024 07:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आमजन के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की गई हैं। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को वार्षिक योजना 2024-25 के लिए विधायक प्राथमिकताओं पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। दूसरे दिन के पहले सत्र में जिला कांगड़ा, किन्नौर तथा कुल्लू के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आमजन के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की गई हैं। वार्षिक योजना 2024-25 में प्रत्येक विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित पांच प्राथमिकताएं प्रस्तावित कर सकते हैं। इनमें सड़कें एवं पुल, लघु सिंचाई योजनाएं, ग्रामीण पेयजल/मल निकासी की एक-एक योजना या किसी एक मद में तीन या दो प्राथमिकताएं प्रस्तावित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि रखरखाव से संबंधित एक प्राथमिकता तथा परिवहन विभाग के अंतर्गत चार्जिंग स्टेशन सहित इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए विधायक एक प्राथमिकता शामिल कर सकते हैं। 

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सुक्खू ने कहा कि नाबार्ड से ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण योग्य गतिविधियां ही पात्र हैं। ऐसे में नगर निगमों के तहत आने वाले शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण, वित्त पोषण के लिए एवं विषम क्षेत्रीय विकास की समस्या का समाधान करने के लिए सरकार की ओर से संबंधित विधायकों से प्राथमिकताएं मांगकर शहरी अवसंरचना विकास निधि (यूआईडीएफ) के तहत वित्त पोषण के लिए भेजी जाएंगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि वन स्वीकृतियों के मामलों में तेजी आई है। जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एफसीए तथा एफआरए केसों की समीक्षा बैठकों में संबंधित विधायक को भी बुलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार ने विधायक निधि से भूमिगत केबल बिछाने तथा मुख्यमंत्री लोक भवन के निर्माण कार्य के लिए भी धन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया है।

 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि आय के साधन बढ़ें और प्रदेश आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत परिवहन निगम की बसों को ई-बसों से चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है तथा राज्यभर में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमित संसाधनों से आर्थिकी पर बोझ जरूर बढ़ा है, लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से राज्य की अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत तक सुधार भी आया है। उन्होंने प्रदेश की विकास नीति, वित्तीय संसाधन जुटाने, मितव्ययता, बेहतर प्रशासन, स्वरोजगार व रोजगार सृजन इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर विधायकों के सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आने वाले समय में और कड़े फैसले लिए जाएंगे।
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जिला कांगड़ा की विधायक प्राथमिकताएं
नूरपुर से विधायक रणबीर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के विस्तारीकरण का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र खुखलेड़ के निर्माण तथा सदवां उपतहसील के नए भवन के निर्माण, भूमि कटाव रोकने के लिए चक्की और जबर खड्ड में चैनलाइजेशन का आग्रह किया। उन्होंने नशा माफिया पर लगाम लगाने पर भी सुझाव दिए। इंदौरा से विधायक मलेंद्र राजन ने अपने चुनाव क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, बसंतपुर स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने तथा नए शिक्षण संस्थान खोलने की बजाय पुराने संस्थानों को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने आईटीआई गंगथ में नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने, बहुतकनीकी कॉलेज खोलने तथा भदरोहा में पुलिस चौकी खोलने की मांग की। उन्होंने नशा तथा खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। फतेहपुर से विधायक भवानी सिंह पठानिया ने निर्माणाधीन रे कॉलेज तथा संयुक्त कार्यालय भवन फतेहपुर के कार्य को जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने फतेहपुर में विद्युत बोर्ड का वृत्त कार्यालय खोलने तथा शाह नहर की मरम्मत के लिए समुचित धनरशि उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया। 
 



 

देहरा से विधायक होशियार सिंह ने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा बेहतर वन प्रबंधन से आर्थिक संसाधन बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने इमारती लकड़ी पर आधारित उद्योग स्थापित करने तथा प्रदेश के मंदिरों में वीआईपी दर्शन पर्ची के माध्यम से राजस्व बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने लगभग 7000 पौंग बांध विस्थापितों के मुद्दे को केंद्र सरकार से उठाने का आग्रह भी किया। जसवां परागपुर से विधायक बिक्रम सिंह ने अपने चुनाव क्षेत्र में निर्माणाधीन पॉलीक्लीनिक का कार्य पूरा करने के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाने की मांग की। साथ ही राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज जंडौर को शुरू करने तथा चुनौर औद्योगिक क्षेत्र को सुदृढ़ करने का आग्रह भी किया। ज्वालामुखी से विधायक संजय रतन ने मां ज्वालामुखी मंदिर का मास्टर प्लान बनाकर श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत एकीकृत केंद्र तथा राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर मल निकासी योजना तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा चंबी ग्राउंड के सुधार की मांग रखी। उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति के लिए समुचित कैलेंडर बनाने का भी आग्रह किया।

मनाली बाईपास सड़क के कार्य में तेजी लाने की मांग
मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मनाली बाईपास सड़क के कार्य में तेजी लाने आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार से रोहतांग क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने, नए रोपवे लगाने तथा पर्यटन ग्राम विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर बनाने का भी आग्रह किया।  बंजार से विधायक सुरेंद्र शौरी ने एनएच-305 के सुदृढ़ीकरण की मांग की, ताकि पर्यटकों को तीर्थन घाटी तक आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने पेयजल तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन दलासनी पुल तथा बंजार बाईपास का कार्य जल्द पूरा करने का आग्रह किया। आनी से विधायक लोकेंद्र कुमार ने सैंज-आनी सड़क के सुधारीकरण तथा श्रीखंड यात्रा को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। साथ ही नशे पर नकेल कसने के लिए पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने, आनी में पुलिस का ट्रैफिक विंग तथा सीए स्टोर खोलने की तथा जलोड़ी पास से सरयोलसर झील तक ई-व्हीकल चलाने का भी आग्रह किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, आयुष, खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंद्र गोमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभाग प्रमुख तथा संबंधित जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में सुनिश्चित किए आवश्यक बदलाव : मुख्यमंत्री
 दूसरे दिन अंतिम सत्र में जिला शिमला और मंडी के विधायकों की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए गए हैं। अब टेंडर की अवधि 51 से घटाकर 20 दिन की गई है। उन्होंने कहा कि अधूरे भवनों का कार्य पूर्ण करने के लिए बजट का समुचित प्रावधान किया जाएगा। 

जिला शिमला की विधायक प्राथमिकताएं
चौपाल से विधायक बलबीर वर्मा ने नेरवा बस डिपो शुरू करने तथा जल शक्ति विभाग के कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने चौपाल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने, छैला-चौपाल सड़क के सुधारीकरण कार्य में तेजी लाने तथा स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ तैनात करने का आग्रह किया। ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने आपदा के दौरान बेहतर कार्यों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने क्षेत्र में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने, ठियोग अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा देने व इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाने तथा नारकंडा-हाटू रोपवे स्थापित करने की मांग की। रामपुर से विधायक नंद लाल ने रामपुर में बाईपास सड़क के सुचारू संचालन के लिए पुल निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर रामपुर, ननखड़ी महाविद्यालय तथा सीए स्टोर दत्त नगर के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा ज्यूरी में महाविद्यालय खोलने का भी आग्रह किया। उन्होंने आपदा के कारण विभिन्न गांवों में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को घर बनाने के लिए उचित स्थान पर भूमि उपलब्ध करवाने की भी मांग की।

 
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जिला मंडी की विधायक प्राथमिकताएं
करसोग विधानसभा क्षेत्र से विधायक दीप राज ने अपने चुनाव क्षेत्र में बिजली की समस्या को दूर करने तथा सेब उत्पादक क्षेत्रों में आपदा प्रभावित सड़कों को सुधारने का आग्रह किया। उन्होंने तत्तापानी से करसोग सड़क पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने और करसोग में पार्किंग का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने तत्तापानी में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी अनुरोध किया।
नाचन से विधायक विनोद कुमार ने अपने चुनाव क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, बस अड्डा गोहर तथा चैलचौक के निर्माण के लिए वन स्वीकृतियां शीघ्र करवाने को कहा। उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र में प्रस्तावित दो किसान भवनों का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने और चैलचौक-पंडोह सड़क का जीर्णोद्धार करने की मांग भी की। बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में विद्युत व्यवस्था बेहतर बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कल्खर से रत्ती सड़क को सुदृढ़ करने की मांग करते हुए रिवाल्सर झील सहित क्षेत्र की तीन झीलों का विस्तारीकरण व पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात की। सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिलीप ठाकुर ने सरकाघाट अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में सड़क सुविधा के सुदृढ़ीकरण तथा सरकाघाट के अलावा एक अन्य मिनी सचिवालय बनाने की मांग की। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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