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Azam Khan: एक ही बैरक में शिफ्ट किए गए आजम और अब्दुल्ला... डॉ. तजीन महिला सेल में; प्रोफेसर ने नहीं लिया खाना

Thu, 19 Oct 2023 11:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सपा नेता आजम खां और उनके परिवार को रामपुर जेल से दूसरे जिले भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसको लेकर शासन की ओर से आदेश आ जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि एक दो दिन में ही आजम परिवार को दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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Azam Khan news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को एक ही बैरक में रखा गया है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा को महिला बैरक में रखा गया है। 20 से 25 बंदियों के बीच में ही दोनों को रखा गया है। जेल पहुंचने के बाद रात के वक्त उन्हें दाल रोटी और सब्जी दी गई, लेकिन डॉ. तजीन फात्मा ने भोजन नहीं लिया।
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सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में कोर्ट ने अब्दुल्ला के साथ ही उनके पिता आजम खां और उनकी मां तजीन फात्मा को कोर्ट ने सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद आजम परिवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल तक पहुंचाया गया। 

शाम करीब पांच बजे आजम परिवार जेल पहुंचा,जहां जेल प्रशासन ने उनको भीतर लिया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को उस बैरक में रखा गया, जहां नए कैदियों को रखा जाता है। इस बैरक में 25 से ज्यादा कैदी में हैं। दोनों को एक ही बैरक में रखा गया है। 
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जेल प्रशासन ने आजम खां की पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा को महिला बैरक में शिफ्ट किया गया। रात करीब आठ बजे उन्हें जेल में बनी दाल, रोटी, सब्जी और चावल भी दिए गए। जेल का बना खाना देर रात तक तजीन फात्मा ने नहीं खाया था। वह काफी सुस्त नजर आ रही थीं। जेल अधीक्षक डा. प्रशांत मौर्य ने बताया कि जेल में तीनों कैदियों को शिफ्ट कर दिया गया है।
 

रामपुर जेल से शिफ्ट कराने की तैयारी शुरू
सपा नेता आजम खां और उनके परिवार को रामपुर जेल से दूसरे जिले भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसको लेकर शासन की ओर से आदेश आ जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि एक दो दिन में ही आजम परिवार को दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि जेल प्रशासन इस बात की जानकारी होने से इंकार किया है।

डीएम बोले: शासन के आदेश का इंतजार
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि सपा नेता आजम खां को दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट करने का आदेश अभी तक नहीं मिला है। आदेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

आजम खां, अब्दुल्ला और डॉ. फात्मा को सात-सात साल की कैद की सजा
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 50 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला जेल भेज दिया गया।

भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में गंज थाने में अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि अब्दुल्ला आजम का एक जन्म प्रमाणपत्र लखनऊ नगर निगम से बना है और दूसरा रामपुर नगरपालिका परिषद् से। इस मुकदमे में अब्दुल्ला के पिता सपा नेता आजम खां और उनकी मां पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा को भी आरोपी बनाया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। तीनों इस मुकदमे में जमानत पर चल रहे थे।

 

मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल की कोर्ट में हुई। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोपहर के वक्त आजम खां, अब्दुल्ला और तजीन फात्मा को दोषी करार दिया। इसके बाद तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। दोपहर बाद कोर्ट ने सजा का एलान किया, जिसमें आजम खां, अब्दुल्ला आजम और डॉ. तजीन फात्मा को सात-सात की कैद और 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर के जिला कारागार में भेज दिया गया।

अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मुकदमे में कब क्या हुआ
मुकदमा दर्ज हुआ- 3 जनवरी 2019
आरोप पत्र दाखिल- 01 अप्रैल 2019
आरोप पत्र पर कोर्ट ने संज्ञान लिया- 19 अगस्त 2019
जमानत स्वीकृत- 13 अक्तूबर 20
आरोपियों पर आरोप तय हुए- 18 अगस्त 2021
आरोपियों के बयान दर्ज- 17 मार्च 2023
बहस- 11 अक्तूबर 2023
बचाव पक्ष की अंतिम लिखित बहस दाखिल- 17 अक्तूबर 2023
निर्णय- 18 अक्तूबर 2023

 
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किस धारा में कितनी सजा
धारा                                     सजा

120-बी                         एक वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना
आईपीसी की धारा 420             तीन वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी की धारा 467             सात वर्ष का कारावास और पंद्रह हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी की धारा 468             तीन वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी की धारा 471             दो वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना
नोट- सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
 
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