रामपुर। डीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुनाई गई दो साल की सजा के खिलाफ सपा नेता आजम खां ने अब सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में अब दो जुलाई को सुनवाई होगी।
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। रामपुर लोकसभा सीट सपा को मिली थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने कई बार विवादित बयानबाजी की थी। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई मुकदमे आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर भी रोक लगा दी थी। इनमें ही एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था। यह मुकदमा तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराया गया था। इसमें कहा था कि आजम खां का एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें वह वाहन पर खड़े होकर माइक से बोल रहे थे और लोग उनके वाहन के चारों ओर खड़े होकर उन्हें सुन रहे थे। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 16 मई 2026 को इस मामले में सपा नेता आजम खां को दोषी ठहराते हुए दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ सपा नेता आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई है। अब इस मामले में दायर अपील पर दो जुलाई को सुनवाई होगी। अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि इस मामले में अपील दायर की जा चुकी है। सुनवाई दो जुलाई को होगी।
आठ माह से जेल में बंद हैं आजम
रामपुर। सपा नेता आजम खां बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ पिछले आठ माह से जेल में बंद हैं। वह बेटे के दो पैन कार्ड मामले में दस साल की सजा काट रहे हैं।