सुप्रीम कोर्ट से आजम खां को जमानत मिलने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है। आजम खां मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने कहा कि ये सर्वोच्च न्यायालय का सर्वोच्च निर्णय और सर्वोच्च न्याय है, हम इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि ये सच्चाई की जीत है।
दो साल दो माह और 22 दिन बाद सीतापुर जेल में बंद सपा विधायक आजम खां की रिहाई के रास्ते खुले हैं। सपा विधायक आजम खां को रामपुर पब्लिक स्कूल से संबंधित मामले में भी सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब वो कभी भी रिहा हो सकते हैँ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्थानीय कोर्ट में दाखिल कर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आजम खां सीतापुर जेल से कभी भी बाहर आ सकते हैं। जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
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सपा विधायक आजम खां के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 88 मामले दर्ज किए गए थे। जिनमें से शत्रु संपत्ति के मामले को छोड़कर सभी मामलों में पहले ही आजम खां को जमानत मिल चुकी थी, इसके बाद शत्रु संपत्ति के मामले में भी पिछले सप्ताह हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई लेकिन, इस बीच रामपुर पब्लिक स्कूल की एनओसी में फर्जीवाड़े के संबंध में दर्ज एक मामले में आजम खां का नाम शामिल किया गया। जिसके बाद उनके खिलाफ दर्ज कुल मुकदमों की संख्या 89 हो गई। जिस पर आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से रामपुर पब्लिक स्कूल संबंधी मामले में अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को आजम खां को इस मामले में भी अंतरिम जमानत मंजूर कर दी।
इसके बाद आजम खां को सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। जिसके बाद अब वो कभी भी सीतापुर जेल से बाहर आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट से आजम खां को जमानत मिलने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है। आजम खां मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने कहा कि ये सर्वोच्च न्यायालय का सर्वोच्च निर्णय और सर्वोच्च न्याय है, हम इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि ये सच्चाई की जीत है।