राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा है कि हम तो पहले भी गोहत्या के खिलाफ थे और आज भी हैं। इस मुद्दे को लोकसभा के चुनावों के दौरान आरएसएस और भाजपा ने उठाया था। नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के चुनावों के पहले गुलाबी क्रांति की बात कही थी।
यह मुद्दा तो भाजपा की चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा भी था। नगर विकास मंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने दिए गए बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि गाय के बेचे जाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। गाय चाहे बूढ़ी हो या मरी हुई उसे नहीं बेचा जाना चाहिए। बाबर के शासनकाल में गोहत्या पर रोक थी।
बहादुरशाह जफर के शासनकाल में तो इसके लिए सजाए मौत का प्रावधान था। आजम खां ने कहा कि गाय बूढ़ी हो जाती है तो लोग उसे क्यों बेच देते हैं? उन्होंने कहा कि हमारा सुझाव तो यह भी है कि सरकार भी मृत जानवरों की नीलामी न करे। गाय को माता कहते हैं तो सम्मान भी माता का ही होना चाहिए।