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श्रीराम को भूल गए हैं लोग : आजम खां

Sun, 25 Oct 2015 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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प्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने श्रीराम को जीवन में उतारने की अपील करते हुए कहा कि लोग श्रीराम को भूल गए हैं। अगर श्रीराम होते तो दादरी में एक गुमान की बुनियाद पर बेगुनाह की जान नहीं जाती। अगर श्रीराम होते तो कोई मस्जिद नहीं गिराई जाती। लव जेहाद के नाम पर लोगो में नफ़रत पैदा नहीं होती।
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श्रीराम को तो हमने भुला दिया है। श्रीराम को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। नफरत से देश तरक्की नहीं करेगा। आजम खां रविवार को टीपू सुल्तान मार्केट के उद्घाटन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यूएनओ को पत्र भेजे जाने पर खड़े हुए विवाद पर कहा कि बच्चों के हितों के लिए यूएनओ जाने पर कैलाश सत्यार्थी को नोबल पुरस्कार मिलता है।


जब दादरी में एक बेगुनाह की जान जाने पर हम यूएनओ को पत्र भेजते हैं तो भूचाल क्यों आ जाता है? हम पर देशद्रोही और गद्दार होने के लांछन लगाए जाते हैं। पाकिस्तान जाने की सलाह दी जाती है। हमने रामपुर में स्कूल, कालेज, विवि, बाजार, सड़कें क्या पाकिस्तान ले जाने के लिए बनवाई हैं? देश की छवि को दुनिया की नजर में खराब किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वो अमेरिका में देश के लिए अमर्यादित शब्द कहते हैं तो अखबार ताज देखने आने वाले सैलानियों की संख्या कम होने की खबर छापते हैं। आजम ने कहा कि क सैलानी क्यों कम हो रहे हैं। ये किसी ने नहीं सोचा। भारत की छवि बलात्कारी देश के रूप में बन रही है तो कैसे विदेशी सैलानी आएंगे।


मन की बात करने से काम नहीं चलेगा, मन की बात सुननी भी होगी। दाल-सब्जी महंगी हो रही हैं। बीफ पर हो रही बयानबाजी पर कहा कि सिर्फ गोमाता ही नहीं, बल्कि सभी गोवंशीय पशुओं की बिक्री और मांस पर रोक लगनी चाहिए। मृत गोवंशीय पशुओं के लिए कब्रिस्तान हों। गोमाता कहते हैं तो फिर सड़क पर क्यों छोड़ देते हैं।


सांप्रदायिक दंगों से बिगड़ रहे माहौल पर कहा कि देश के हालात अच्छे नहीं हैं, सुलगते हुए हैं। कहा कि हम मोबाइल या लैपटाप की मुखालफत नहीं करते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल समाज को बर्बाद करने वाली चीजों के लिए नहीं होना चाहिए।
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