प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी पर जमकर निशाना साधा। कहा कि आरएसएस और अहमद बुखारी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। रविवार को बुखारी की मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आजम खां ने कहा कि वो इतनी बड़ी सियासी ताकत हैं कि अपने दामाद के लिए 20-25 सभाएं करने के बाद महज 3100 वोट दिला पाए।
ऐसे लोगों से सरकार कैसे ब्लैकमेल हो जाए। आरोप लगाया कि शाही इमाम ने अभी-अभी एक पाप किया है। एक हिंदू बच्ची को मुसलमान बनाकर जामा मस्जिद के होने वाले इमाम से उसकी शादी कराई है। इसको लेकर शिवा सेना, बजरंग दल किसी भी संगठन ने कुछ नहीं कहा। आरएसएस और इमाम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
इमाम आरएसएस के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। अपना काम निकालने के लिए वो किसी की शान में कसीदे पढ़ सकते हैं। नगर विकास मंत्री ने जाट आंदोलनकारियों को सलाह दी कि वो अपनी बात को कानून के दायरे में रखकर कहें। प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। चुनाव में प्रधानमंत्री ने जो वादा किया था, उसे निभाना चाहिए।
आजम ने जाट आरक्षण के मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा। जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की बसपा सुप्रीमो की पैरवी पर कहा कि बसपा सुप्रीमो ने ये काम अपने शासन मे क्यों नहीं किया? उन्होंने मायावती को सलाह दी कि वो इस मुद्दे पर लोगों को उकसाएं नहीं।