राजकीय पीजी कालेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आजम खां ने जेएनयू के मुद्दे पर कहा कि क्या ये मुमकिन है कि जेएनयू के बच्चे बिल्कुल बागी हैं। सोसाइटी से बगावत कर रखी है उन लोगों ने। अगर कोई नारा लगा भी था जेएनयू में तो क्या उसका ये मतलब था कि हाईकोर्ट के वकील बच्चों पर हमला कर दें। ये है लॉ एंड आर्डर।
लखनऊ की सड़कों पर वकीलों ने जो तांडव किया है वो किसी से छिपा है। हमने विधानसभा में कहा था कि काला दिन था वो कानून के लिए जब एक वकील के हाथ में लाइसेंसी रिवाल्वर था और वो उससे गोली चला रहा था। उसकी तस्वीर अखबारों के फ्रंट पेज पर छपी थी। वकील लॉ एंड आर्डर से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने देश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि देश में कानून का राज है ही नहीं। कोर्ट परिसर में हमले हो रहे हैं। हार्दिक पटेल की पैरवी करते हुए कहा कि उस पर वो मुकदमा है जो इमरजेंसी के जमाने में जॉर्ज फर्नांडिस पर था।
हार्दिक पटेल को फांसी के तख्ते पर चढ़ाने की साजिश हो रही है। नगर विकास मंत्री आजम खां ने ताजमहल और राष्ट्रपति भवन को गुलामी की निशानी करार दिया। कहा कि ताजमहल को गिरा दिया जाना चाहिए। ताजमहल गिराया जाएगा, मैं सबसे आगे रहूंगा।