नगर विकास मंत्री आजम खां ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों को निशाना बनाकर उन्हें बर्बाद कर रही है। पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया और अब जेएनयू को। उन्होंने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की कोर्ट में पेशी के दौरान की गई पिटाई को सुनियोजित करार दिया।
उच्च शिक्षा में सुधार की जरूरत बताते हुए बुद्धिजीवियों से आगे आने का आह्वान किया। राजकीय रजा पीजी कालेज में ‘भारत में उच्च शिक्षा की स्थिति’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन करते हुए चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार देश के विश्वविद्यालयों को निशाना बनाकर उन्हें बर्बाद करने पर तुली है।
पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक दर्जा देने के मुद्दे पर निशाना बनाया गया। अब जेएनयू को निशाना बनाया जा रहा है। जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष को जिस तरह कोर्ट में पेशी के वक्त निशाना बनाया गया उससे सवाल उठ रहे हैं। कानून को हाथ में लेना गलत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिना नाम लिए अफगानिस्तान और पाकिस्तान यात्रा पर भी सवाल उठाया। आजम ने बुद्धिजीवियों से लोकतंत्र में अपनी भागीदारी तय करने पर जोर दिया। कहा कि बुद्धिजीवी वर्ग लोकतंत्र में अपनी भागीदारी नहीं निभाते हैं, ये चिंता का विषय है। यदि दिलचस्पी नहीं दिखाई तो देश के हालात और भी ज्यादा चिंताजनक होंगे।
उच्च शिक्षा को बचाने के लिए भी बुद्धिजीवियों से एक मंच पर आने का आह्वान किया। जौहर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर मोहम्मद यूनुस ने भी शिक्षकों से आत्मचिंतन करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डा. प्रीति गौतम ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या उच्च शिक्षा के परिदृश्य को प्रभावित कर रही है।
कालेज प्राचार्या डा. सईदा बेगम रिजवी ने सभी का स्वागत किया। सेमिनार में महाराजा हरीशचंद्र पीजी कालेज मुरादाबाद के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विशेष कुमार गुप्ता, बरेली कालेज के वाणिज्य संकाय के पूर्व प्रभारी डा. एनएल शर्मा, डा. विपिन शुक्ला, डा. आरके गुप्ता ने विचार व्यक्त किए।