सांसद आजम खां के कई करीबी भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर हैं। ईडी की जांच की आंच आजम खां के करीबियों तक पहुंच सकती है। क्योंकि पूरा मामला जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। जांच के दायरे में वो लोग भी आ सकते हैं जो जौहर ट्रस्ट के पदा धिकारी या सदस्य हैं।
सांसद आजम खां पर लगभग 90 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जिनकी जांच पुलिस कर रही है। अधिकांश मामलों में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दिया है। ईडी ने भी आजम खां के खिलाफ अगस्त 2019 में एक मुकदमा दर्ज किया था।
इस मुकदमे की विवेचना के सिलसिले में ईडी की एक टीम बुधवार को रामपुर आई थी। ईडी की टीम ने आजम खां पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाने वाले आलियागंज के किसानों के बयान दर्ज किए थे।
इसके अलावा भी ईडी ने कई जांच की थी। आजम खां के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराने वाले भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने कहा कि उन्होंने पूरे दस्तावेज के साथ शिकायत केंद्र सरकार को की थी। जिसके बाद आजम खां के खिलाफ जांच चल रही है। उनका कहना है कि अभी तो यह आगाज है।
इस मामले में रडार पर कई लोग हैं। उनका आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी में जितना निवेश हुआ है उसकी राशि चंदे में मिली राशि से कई गुना अधिक है। उनका कहना है कि इस मामले में कई और लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं।