शहर में बिजली कटौती को लेकर बुधवार की रात को विकास भवन में विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते डीएम राजीव रौतेला एवं सीडीओ अमित किशोर एवं मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारी।
रमजान में भी बिजली के हाहाकार की गूंज नगर विकास मंत्री आजम खां तक पहुंच गई। आजम खां की नाराजगी पर न सिर्फ जिले भर के बिजली अफसर तलब हुए बल्कि चीफ इंजीनियर को भी बुला लिया गया। रात में ग्यारह बजे से अधिकारियों का बिजली सप्लाई पर मंथन शुरू हुआ जो मध्यरात्रि में 1 बजे तक चला। सुबह फिर इसी मुद्दे पर चर्चा चली। इस दौरान एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक की क्लास लगी। सख्त हिदायत दी गई कि इफ्तार और सहरी के वक्त कटौती नहीं होनी चाहिए। इसे अफसर अल्टीमेटम समझें। इसके बावजूद कटौती हुई तो सीधे कार्रवाई भुगतनेे को तैयार रहें।
दरअसल शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां पावर कट ज्यादा हैं। ट्रिपिंग की समस्या अलग है। दूसरे इफ्तार और सहरी के वक्त बिजली गुल होने से लोगों में नाराजगी अधिक है। पिछले दिनों कई संगठनों ने बिजली विभाग से लेकर कलक्ट्रेट तक शिकायतें भी दर्ज कराईं लेकिन सुधार न हुआ।
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बताते हैं कि बिजली गुल होने की यह शिकायतें नगर विकास मंत्री आजम खां तक भी पहुंची। उन्होंने डीएम से नाराजगी जताई। नगर विकास मंत्री की नाराजगी से प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने गुरुवार रात बिजली अफसरों को तलब कर लिया। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता एसके गुप्ता भी बुला लिये गए। विकास भवन सभागार में रात 11 बजे से करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में डीएम ने बिजली अफसरों को सीधे निशाने पर रखा। बिजली कटौती की वजह पूछी। इफ्तार और सहरी के समय बिजली कटने पर खासतौर से सवाल दागे। शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी इफ्तार-सहरी के वक्त बिजली सप्लाई जारी रखने का निर्देश दिया।
इस दौरान शहर के डूंगरपुर, किला बिजलीघर, रजा इंटर कालेज बिजलीघर क्षेत्र की सप्लाई में दिक्कतों की जानकारी डीएम ने ली। लोकल फाल्ट की समस्याएं बताई गईं तो उसे तुरंत अटेंड करने का निर्देश जारी हुआ। चेतावनी दी गई कि बिजली को लेकर शिकायत नहीं आनी चाहिए। डीएम ने साफ कहा कि बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी गई तो अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। अधिशासी अभियंता प्रथम को कड़ी चेतावनी दी। कहा कि किसी भी हाल में बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर सीडीओ अमित किशोर भी मौजूद रहे।