योगी कैबिनेट में भी रामपुर का जलवा कायम रहा। सपा सरकार के बाद अब भाजपा सरकार में भी रामपुर को लालबत्ती मिल ही गई। बिलासपुर विधानसभा के भाजपा विधायक बलदेव औलख को योगी मंत्रिमंडल का सदस्य बनाया गया है। औलख योगी मंत्रिमंडल के एकमात्र सिख चेहरे हैं। रामपुर से अब तक दस विधायक व सांसदों को कहीं न कहीं मंत्री स्तर का दर्जा मिल चुका है।
आजादी के बाद से लेकर अब तक कहीं न कहीं नवाबों का शहर वीआईपी श्रेणी में आता रहा है। राजनीतिक रूप से मजबूत माने जाने वाले इस जिले में सरकार चाहे किसी की भी रही हो ज्यादातर परिस्थितियों में यहां से चुना जाने वाला विधायक या फिर सांसद कहीं न कहीं सरकार का प्रतिधॎित्व करता रहा है। पहली दफा रामपुर लोकसभा सीट से मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को सांसद के तौर पर चुना गया और फिर जीतने के बाद उन्हें पंडित जवाहर लाल नेहरू की सरकार में शिक्षा मंत्री बनाया गया। इसके बाद कभी केंद्र में तो कभी राज्य में मंत्री का प्रतिनिधित्व मिलता रहा।
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केंद्र सरकार में दूसरी दफा भाजपा की सरकार में वर्ष 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में मिला। उस वक्त भाजपा से सांसद बने मुख्तार अब्बास नकवी को केंद्र में मंत्री बनाया गया। उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई। केंद्र के साथ ही यूपी की सरकार में भी तमाम नेता मंत्री बनते रहे। सबसे ज्यादा मंत्री पद की जिम्मेदारी आजम खां को मिली। आजम खां शहर सीट से नौ दफा विधायक रह चुके हैं और चार दफा मंत्री बन चुके हैं। वह दो दफा नगर विकास और एक दफा श्रम व इसके बाद सहकारिता मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य नेता भी मंत्री की कुर्सी तक पहुंच चुके हैं।
अखिलेश सरकार में भी आजम नगर विकास मंत्री रह चुके हैं। अब यूपी में भाजपा की सरकार आई है तो बिलासपुर से विधायक बने बलदेव सिंह औलख को मौका मिला है। यानि कुल मिलाकर कहीं न कहीं रामपुर को वीआईपी जिले का दर्जा बरकरार रहा है। जहां तक औलख की बात है उन्होंने कुमाऊं यूनिवर्सिटी उत्तराखंड से पढ़ाई की और छात्र राजनीति का सफर शुरू किया था। वह इस यूनिवर्सिटी से छात्र संघ के सचिव चुने गए, 1998 में भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी के सम्पर्क में आकर भाजपा में शामिल हुए। वह दो बार रामपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे । दो बार जिला पंचायत सदस्य भी रहे।