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बैकफुट पर आई क्रिस्टीज कंपनी, नहीं हुई ताजों की नीलामी

Thu, 01 Dec 2016 12:41 AM IST
अखिलेश शर्मा /रामपुर
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कोठी खास बाग
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रामपुर रियासत के नवाबों के पहने हुए हीरे-जवाहरात से जड़े बेशकीमती ताजों की नीलामी करने वाली लंदन की कंपनी क्रिस्टीज बैकफुट पर आ गई। बुधवार को तमाम नीलामी हुईं लेकिन राजशाही परिवार से जुड़े विधायक नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेद मियां द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से दर्ज कराई आपत्ति के बाद ताजों की नीलामी रोक दी गई।

इसके स्थान पर रामपुर रियासत के हीरे-जवाहरात से जुड़े सामान और ताजों की तस्वीरों (एलबम) को बेचा गया। इसके बाद नवाब परिवार ने राहत महसूस की है। अब कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ताजों को भारत लाए जाने का मौका मिल गया है। 
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बता दें कि लंदन की क्रिस्टीज कंपनी विरासती सामानों की नीलामी करने वाली बड़ी कंपनी है। 18 नवंबर को कंपनी ने विज्ञापन जारी करके रामपुर रियासत के नवाबों के

ताजों की फोटो पोस्ट करते हुए इनकी 30 नवंबर को नीलामी का विज्ञापन जारी कर दिया था। सोशल मीडिया के माध्यम से राजशाही परिवार के नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेद मियां को इसकी जानकारी मिल गई। उन्होंने तत्काल इस नीलामी के विज्ञापन का संज्ञान लेते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन ताजों की नीलामी का विज्ञापन कंपनी ने नहीं हटाया था।
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बुधवार 30 नवंबर को लंदन में क्रिस्टीज कंपनी ने अपनी नीलामी से रामपुर के नवाबों के ताज और हीरे-जवाहरात को हटा दिया। इनके स्थान पर सिर्फ इन बेशकीमती सामानों की तस्वीरें (एलबम) को नीलामी में रखा था। माना जा रहा है कि कंपनी आगे ताजों की भी नीलामी कर सकती है। विधायक नावेद मियां का कहना है कि लंदन में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जो आपत्ति दर्ज कराई गई थी, कंपनी ने उसी आधार पर ताज की नीलामी नहीं की है। अब हम कानूनी तौर पर ताजों को वापस भारत लाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। नवाब के ताजों और जो कुछ भी सामान है उसे वापस भारत लाना बहुत जरूरी है। इसके बाद यह जानकारी ली जाएगी कि आखिर ताज कैसे भारत से बाहर पहुंच गए। 
 
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