सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में पेश एटीएस के इंसपेक्टर कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बचाव पक्ष द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। इसके साथ ही फर्जी पासपोर्ट मामले में मुंबई के आरोपी फहीम अरशद अंसारी द्वारा पासपोर्ट बनाने के लिए पेश किए गए प्रमाण पत्रों को भी पेश किया। अब इस मामले की सुनवाई एक जून को होगी।
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हुए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की भी जान गई थी। पुलिस ने हमले के आरोप में आठ को गिरफ्तार किया था। इनमें पाक अधिकृत कश्मीर का इमरान व मोहम्मद फारूख, मुंबई के गोरे गांव का फहीम अंसारी, बिहार के मधुबनी का सबाउद्दीन उर्फ सबा, बरेली जिले के बहेड़ी का गुलाब खां, प्रतापगढ़ जिले के कुंडा का कौसर खां, मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थाना क्षेत्र का जंग बहादुर बाबा खान और खजुरिया का शरीफ उर्फ सुहेल शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ स्थानीय अदालत में मुकदमा चल रहा है।
आरोपियों को सुरक्षा के मद्देनजर लखनऊ और बरेली की जेलों में रखा गया है। सुनवाई के लिए सभी आरोपियों को पुलिस कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लेकर आती है। गुरुवार को भी मुकदमे की सुनवाई हुई। इसके लिए बरेली और लखनऊ जेल में बंद आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। अभियोजन की ओर से एटीएस के इंस्पेक्टर कृपा शंकर दीक्षित कोर्ट में पेश हुए थे। पेशी के दौरान बचाव पक्ष की ओर से उनसे जवाब दागे गए, जिसका जवाब दिया गया। इस दौरान उनकी ओर से फहीम के भाई की ओर से एटीएस इंसपेक्टर को दिए गए फहीम के प्रमाण पत्र भी एटीएस इंसपेक्टर ने पेश किए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता जमीर अहमद ने बताया कि फईम के फर्जी पासपोर्ट के मामले में गवाही पहले हो चुकी है और गुरुवार को इस मामले में बचाव पक्ष की ओ से जिरह की गई है। जिरह पूरी हो गई है। इस मामले की अगली सुनवाई अब एक जून को होगी।