बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भैंसिया ज्वालापुर में सोमवार को हुई कैंटर चालक आरिफ की हत्या बदला लेने के लिए की गई। हत्या का आरोप ग्राम भैंसिया ज्वालापुर निवासी फरजंद और उनके बेटे राजिम पर है। कैंटर चालक आरिफ ग्राम भैंसिया ज्वालापुर निवासी साजिम की हत्या के आरोप में दो साल पहले जेल गया था। इस समय वह जमानत पर बाहर था। दो साल से साजिम के पिता और भाई बदला लेने के इंतजार में थे।
जिस समय हत्या हुई उस समय वहां तमाम लोग थे, लेकिन किसी ने बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। पुलिस के अनुसार 19 दिसंबर 2021 को ग्राम ज्वालापुर भैंसिया निवासी साजिम पुत्र फरजंद की हत्या की गई थी। फरजंद पुत्र मोहम्मद अली खां ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उनका पुत्र साजिम (30) कार चलाने का काम करता था। वह 19 दिसंबर की शाम कार से रामपुर से अपने घर लौट रहा था। ग्राम ज्वालापुर के समीप बाइक सवार कुछ लोगों ने उनके पुत्र की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
फरजंद ने पांच लोगों को नामजद करते हुए वह तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान नामजद सभी आरोपी पुलिस की विवेचना में झूठे पाए गए थे। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान ग्राम सकटुआ निवासी आरिफ अंसारी पुत्र फिदा हुसैन समेत अन्य पांच लोग प्रकाश में आए थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार अदालत में पेश किया था और न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया था। इसके बाद आरिफ 21 मार्च 2022 को जमानत पर छूट कर घर आ गया था और कैंटर चलाने का काम करने लगा था।
लोगों का कहना है कि सोमवार की दोपहर ग्राम भैंसिया ज्वालापुर निवासी हाजी लियाकत के घर में दावत में शामिल होने के लिए आरिफ अंसारी और फरजंद का पुत्र भी गया हुआ था। जहां दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद फरजंद ने अपने पुत्र के साथ हाजी लियाकत के घर के सामने ही गोलियों से भून कर आरिफ की हत्या कर दी। सोमवार की दोपहर जब आरिफ अंसारी की गोलियों से भून कर हत्या की गई तो उसे समय तमाम लोग मौके पर मौजूद थे। दावत में आए लोग तमाशबीन भी बने रह रहे थे।
ग्राम सकटुआ निवासी कैंटर चालक आरिफ अंसारी (30) की दिनदहाड़े गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। आरिफ गांव भैंसिया निवासी फरजंद अली के बेटे शाजिम की हत्या में आरोपी था। वह दो मार्च 2022 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस ने फरजंद अली और उसके दूसरे बेटे राजिम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मृतक के भाई नाजिम हुसैन का कहना है कि शाजिम की हत्या 18 दिसंबर 2021 में हुई थी।
भाई आरिफ अंसारी को उस मामले में नामजद किया गया था। तभी से फरजंद अली आरिफ से रंजिश मानने लगा था। सोमवार की दोपहर करीब 1:30 बजे आरिफ गांव भैंसिया निवासी हाजी लियाकत अली के घर 11वीं की नियाज की दावत खाने गया था। दावत में उसका एक युवक से विवाद हो गया। दावत में फरजंद अली और उसका बेटा राजिम भी मौजूद था। नाजिम हुसैन का कहना है कि बाद में लियाकत हुसैन के घर के सामने सकटुआ-भैंसिया ज्वालापुर रोड पर फरजंद अली उसके भाई आरिफ पर तमंचे से गोलियां बरसाने लगा।