रामपुर। आईटीआई में चल रही दाखिला प्रक्रिया का अंतिम दौर खत्म होने के बाद भी सीटें नहीं भर सकीं। जिले के पांच आईटीआई संस्थानों में 1820 सीटों में से 337 सीटें खाली रह गई हैं, लेकिन किन्हीं कारणों से प्रवेश लेने चूक गए अभ्यर्थियों को फिर से मौका दिया जा रहा है। प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राएं को 17 अक्तूबर तक का अंतिम अवसर दिया गया।
जिले के पांच आईटीआई संस्थानों में 1820 सीटों में से सिर्फ 1483 सीटों पर ही दाखिले हो सके है लेकिन किन्हीं कारणों से प्रवेश लेने चूक गए अभ्यर्थियों को फिर से मौका दिया जा रहा है। राजकीय आईटीआई संस्थानों में युवाओं को तकनीक की अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाता है।
आईटीआई में प्रवेश लेने से चूके छात्र-छात्राओं को प्रवेश लेने के लिए ऑनलाइन करने के बाद फार्म सीधे संस्थान में पहुंकर जमा करना होगा। प्रवेश प्रक्रिया के बाद फिर से प्रवेश लेने से चूके युवाओं को आवेदन का मौका दिया गया था,इसके बाद भी सीटें खाली रह गई थीं। अब फिर से खाली रह गई सीटों को भरने के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसमें नए एवं पूर्व पंजीकृत अभ्यर्थी भी सीधे प्रवेश ले सकते हैं।
आईटीआई संस्थानों में 1820 सीटों में से 337 सीटें खाली रह गई हैं, जो छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने चूक गए उन्हें एक बार फिर से मौका दिया जा रहा है। प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राएं फार्म ऑनलाइन कराकर 17 अक्तूबर तक संस्थान में जमा कर सकते हैं।
- मो.आसिफ अली, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई
कहां कितने हुए प्रवेश, कितनी सीटें खाली
संस्थान - कुल सीटें - प्रवेश हुए - रिक्त सीटें
रामपुर - 448 - 437 - 11
किला - 158 - 112 - 44
स्वार - 362 - 302 - 50
शाहबाद - 456 - 391 - 65
बिलासपुर - 396 - 229 - 167