रामपुर। मिलक कोतवाली में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंगलवार को आजम खां के अधिवक्ता की ओर से गवाह को तलब करने दिए गए प्रार्थनापत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। कोर्ट बुधवार को इस मुकदमे की सुनवाई करेगी।
आजम खां के खिलाफ 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मिलक कोतवाली में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों की बयान दर्ज कराए गए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आजम खां को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के आदेश दिए थे। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि वो बीमार होने की वजह से कोर्ट में हाजिर नहीं हो पा रहे हैं। 24 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बचाव पक्ष को आदेश दिया था कि आजम खां अपने बयान शपथपत्र या वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज कराएं। मंगलवार को इस मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में हुई। आजम खां के अधिवक्ता की ओर से एक प्रार्थनापत्र देकर गवाह दरोगा को तलब कर उससे जिरह करने के लिए दिया गया। जिसका अभियोजन पक्ष विरोध किया। उनका कहना था कि इस स्तर पर प्रार्थनापत्र पोषणीय नहीं है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष का प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी होगी।