मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में आजम खां के अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा और नासिर सुल्तान ने थाना गंज में डूंगरपुर प्रकरण में दर्ज आठ मामलों को एक साथ समायोजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। 25 मई को अगली सुनवाई होगी।
डूंगरपुर प्रकरण के आठ मुकदमों को समायोजित करने के मामले में कोर्ट में सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता ने सभी मामलों की एक साथ सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है।
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मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में आजम खां के अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा और नासिर सुल्तान ने थाना गंज में दर्ज आठ मामलों में एक साथ समायोजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां समेत कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में 12 मुकदमें दर्ज किए गए थे। जिसमें से सभी मुकदमों में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट और उनके मकानों को ध्वस्त किया गया। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।