छत्तीसगढ़ के सुकुमा में सोमवार को हुए नक्सली हमले की सूचना के बाद सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में सतर्कता और बढ़ा दी गई। अफसर से लेकर जवानों तक की निगाह टीवी पर टिकी रही। इस दौरान अफसर हमले के पल-पल की जानकारी लेते रहे। घटना में 12 जवानों के शहीद हो जाने के बाद अफसरों में शोक छा गया है। हालांकि शहीद कोई भी जवान रामपुर ग्रुप सेंटर की बटालियन से नहीं जुड़ा हुआ बताया गया है।
रामपुर सीआरपीएफ में सभी अफसर इस घटना की विस्तृत जानकारी लेने में जुटे रहे। इस हमले के बाद अफसरों ने शहीद जवानों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। ग्रुप में जवानों की टीवी पर नजर रही। ग्रुप सेंटर के डीआईजी प्रवीण कुमार के मुताबिक नक्सली हमले में शहीद हुए जवान रामपुर ग्रुप सेंटर से जुड़े हुए नहीं थे। शहीद जवान 74 वीं बटालियन से जुड़े हुए बताए गए हैं।
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर में 31 दिसंबर 2007 की रात आतंकी हमले में सात जवान और एक रिक्शा चालक शहीद हो गया था। इसके बाद सीआरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि शहर के निकट भुर्जी की मढ़ैया का रहने वाला सीआरपीएफ का जवान श्यामलाल चार साल पूर्व नक्सली हमले में छत्तीसगढ़ में शहीद हो गया था। श्यामलाल की शहादत को परिजन भूले नहीं हैं।