रामपुर यूं तो विकास की रफ्तार में तेजी से अपने कदमों को बढ़ा रहा है। इन कदमों की चाल को और तेज करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना भी कुछ अहम रोल निभाने जा रही है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत अब नए सिरे से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके अनुसार अब कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराने की तैयारी की जा रही है।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की पहल रामपुर में हो चुकी है। इसके तहत सीवर प्लांट चालू हो चुका है। अब कूड़े का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से कराने के लिए भी खाका तैयार कर लिया गया है।
इस परियोजना के तहत नगर पालिका सालिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम के तहत घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने का काम शुरू करेगी। पालिका के सफाई बेड़े में जीपीएस से लैस गाड़ियां भी होंगी। जीपीएस लगी गाड़ियां घर-घर जाकर कूड़े को एकत्र करेंगी।
पालिका की ओर से घरों में सेंसर युक्त डस्टबिन लगाए जाएंगे। यानि इन डस्टबिन में कूड़ा भरने के बाद सेंसर युक्त डस्टबिन में खुद ही अलार्म बज जाएगा। अलार्म का एक सिस्टम जीपीएस वाहन में भी होगा। जीपीएस से घरों को भी खोजा जाएगा और फिर कूड़ा लेकर इसको निस्तारित करने की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।
प्रशासन की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव को पिछले दिनों मुख्य सचिव स्तर की मीटिंग में भी रखा जा चुका है। इस प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है। यानि अब इस परियोजना पर आने वाले कुछ माह में काम शुरू कर दिया जाएगा।
एसएमएस से भी डस्टबिन भरने की दे सकेंगे सूचना
कूड़े से डस्टबिन भरने के बाद आप एसएमएस या फिर सीधे काल करके भी कूड़ा उठवाने की सूचना दे सकते हैं। तैयार की गई परियोजना के मुताबिक इसके लिए पालिकाओं की ओर से मोबाइल एप तैयार किया जाएगा साथ ही एसएमएस के जरिए डस्टबिन भरने की सूचना दी जा सकेगी। इससे ही कूड़ा उठवाया जा सकेगा।
कूड़े से बनेगी बिजली
कूड़े से बिजली बनाने की योजना पर काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। इसके लिए कारखाना लगाया जा रहा है। इस कारखाने के चालू होने के बाद इस परियोजना में तेजी आएगी। यह काम कूड़ा बनाने वाले कारखाने को भी सौंपा जा सकता है। सीधे तौर पर कंपनी आकर कूड़ा उठाने का काम करेंगी।
- सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत जीपीएस युक्त वाहनों के जरिये कूड़ा एकत्र किया जाएगा। डस्टबिन में सेंसर होगा। इस परियोजना का प्रस्ताव भी तैयार कर दिया गया है साथ ही इसे मंजूरी भी मिल गई है। - फैजान खां, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर