समाजवादी पार्टी के अंदर चल रहे सियासी उठापटक से कार्यकर्ता आहत हैं। अखिलेश के पार्टी से निष्कासन पर 50 वर्षीय सपा कार्यकर्ता जाकिर हुसैन की हालत बिगड़ गई थी। रविवार को जाकिर हुसैन ने दम तोड़ दिया।
नगर के मोहल्ला नसीराबाद निवासी सपा कार्यकर्ता जाकिर हुसैन (50) मेलों और उर्स में स्टॉल लगाकर गुब्बारों पर बंदूक से निशाना लगवाकर अपनी गुजर बसर करते थे। परिजनों के मुताबिक 30 जनवरी को उस समय टीवी देखते हुए हालत बिगड़ गई थी, जब सीएम अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सपा से छह साल के निष्कासित कर दिया था। जिस पर जाकिर की हालत बिगड़ गई।
परिवार वालों ने उनको बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। इसी बीच वो कोमा में चले गए थे। रविवार को जाकिर ने दम तोड़ दिया। बताते हैं कि जाकिर हुसैन ने पिछली बसपा सरकार में आजम खां के नेतृत्व में रामपुर में हुए जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारी दी थी। सपा नेता इकरार हुसैन का कहना है कि जाकिर की मौत का सभी को दु:ख है।