विकास कार्यों की समीक्षा को पहुंचे नगर विकास विभाग के विशेष सचिव एवं नोडल अधिकारी महेंन्द्र कुमार ने शाहबाद का दौरा किया तो तमाम खामियां पकड़ लीं। ब्लाक दफ्तर से कर्मचारी गायब मिले तो आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद मिला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाहर की दवा लिखते हुए डाक्टर मिले। उन्होंने ब्लाक के तीन कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्री समेत अन्य लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने चकरपुर भूड़ पहुंचकर प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बच्चों से पहाड़ा, गिनती सुनी एवं अंग्रेजी ज्ञान में भी बच्चों के शिक्षा स्तर को जाना। विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति पर प्रधानाध्यापक को फटकार लगायी। विद्यालय परिसर में जलभराव एवं बाउन्ड्रीवाल न होने की समस्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश दिए कि बाउन्ड्रीवाल का निर्माण कराएं विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र शमीम के एक वर्ष से गायब होने के बाद नोडल अधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
गांव में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र बंद पाया गया जिसके बाद कार्यकत्री निलंबित करने की कार्यवाही के निर्देश दिए है। विकास खंड कार्यालय पहुंचकर नोडल अधिकारी ने सबसे पहले उपस्थित रजिस्टर चेक किया। इस दौरान धीरेन्द्र, वीरेन्द्र, शोभित सक्सेना तथा सिराज की रजिस्टर में उपस्थिति तो दर्ज थी परन्तु वे विकास खंड परिसर में उपस्थित नहीं थे,जिस पर उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने जेई डालचन्द से पिछले दो दिनों से उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर न करने का कारण पूछा।
उन्होंने विकास खंड में लक्ष्य के सापेक्ष शौचालयों के निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि जिस मंद गति से विकास खंड में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है उससे ऐसा प्रतीत होेता है कि दो अक्तूबर तक भी विकास खण्ड को ओडीएफ कर पाना असम्भव होगा। रंपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि डाक्टरों द्वारा मरीजों को बाहरी दवाएं लिखी जा रही हैं। मौका देखकर ग्रामीणों ने डाक्टरों द्वारा लिखी गई दवाईयों के पर्चे मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह को दिखाए, जिनके संबंध में सीडीओ ने सीएमओ से वार्ता करके स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी को निर्देश दिए।
रेवडी कला में निर्माणाधीन 100 बेड के छात्रावास की प्रगति का मौके पर जाकर सत्यापन किया तथा निर्माण इकाई को निर्देश दिए कि वे निर्माण सामग्री की टेस्टिंग भी कराएं जिससे भवन निर्धारित मानकों के आधार पर निर्मित हो। प्राथमिक विद्यालय मतवाली में आयोजित खुली बैठक में मुख्य रूप से उन्होंने ग्रामीणजनों से शौचालय के निर्माण और उसके उपयोग के बारे में पूछताछ की। इस अवसर पर एएसपी सुधा सिंह, नगर मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश, एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी उपस्थित रहे।