मिलकखानम/स्वार। निजी अस्पताल में प्रसव के लिए आई गर्भवती का झोलाछाप चिकित्सक ने ऑपरेशन कर दिया। कुछ ही देर में प्रसूता की हालत बिगड़ गई। परिजन ने अस्पताल में हंगामा खड़ा किया, तो चिकित्सक ने अपनी एंबुलेंस से आनन-फानन में उत्तराखंड के काशीपुर भेज दिया। लेकिन रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उधर, सूचना मिलते ही संचालक और स्टॉफ अस्पताल बंद करके खिसक लिया। पीड़ित पक्ष ने शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी से कर दी है, लेकिन जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
कोतवाली क्षेत्र के सरकड़ी गांव निवासी एक ग्रामीण शनिवार की रात अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते मिलक खानम स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा था। उसे यहां लाने के लिए आशा ने प्रेरित किया था। बताया जाता है कि अस्पताल के स्टॉफ ने सामान्य प्रसव कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन गर्भवती पीड़ा से कराह रही थी। ब्लड प्रेशर जांचा गया, तो हाई प्रेशर पाया गया। आरोप है कि ब्लड प्रेशर सामान्य करने के लिए गर्भवती को कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई। कुछ देर बाद उसका ऑपेरशन किया गया। प्रसूता ने शिशु का जन्म दिया, जो स्वस्थ बताई गई। लेकिन उसके बाद प्रसूता की अधिक रक्तस्राव के कारण हालत बिगड़ना शुरु हो गई।
हालत बिगड़ते देख परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया, लेकिन अस्पताल के स्टॉफ ने चतुराई दिखाते हुए अपनी एंबुलेंस से उत्तराखंड के काशीपुर भेज दिया। अभी रास्ते में ही थे कि प्रसूता की मौत हो गई। उधर, जब मौत की खबर अस्पाताल के संचालक और स्टॉफ को हुई, तो वह आनन-फानन में अस्पताल में ताले डालकर फरार हो गया। इस बीच जब प्रसूता का शव घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रोते-रोते बुरा हाल है। पीड़िता के पति ने निजी अस्पाताल की शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी से की है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग को कोई अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचा है।