सत्य को हमेशा के लिए कैद करने की शक्ति नहीं होती: अखिलेश
अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि झूठे मामलों में सत्य को हमेशा के लिए कैद करने की शक्ति नहीं होती। उन्होंने स्वीकार किया कि इसमें कुछ समय या देरी लग सकती है। लेकिन उनका मानना है कि झूठे आरोप सत्य को बंदी नहीं बना सकते। अखिलेश ने यह भी कहा कि यह उनकी पहली रामपुर यात्रा नहीं है। उन्होंने रामपुर के साथ अपने राजनीतिक और भावनात्मक रिश्ते को भी बताया।
मुलाकात के निकाले जा रहे ये मायने
अखिलेश के इस बयान को दोनों नेताओं के बीच संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे हैं। रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में जेल में अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात को पार्टी के भीतर संबंधों और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
अखिलेश ने जौहर यूनिवर्सिटी का नाम लेकर सरकार पर बोला हमला
अखिलेश ने कहा, सच तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी को शिक्षा या ज्ञान से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें विश्वविद्यालयों की भी कोई परवाह नहीं है। विश्वविद्यालय को तो पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। इसे नष्ट करने के लिए जो साजिशें रची गईं, वे ऐसी हैं कि शायद किसी भी सरकार ने यहां तक कि किसी तानाशाही सरकार ने भी शिक्षा के क्षेत्र में इतनी तबाही नहीं मचाई होगी।