रामपुर। वैसे तो देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था, लेकिन रामपुर में नवाबों का राज इसके बाद दो साल बाद तक रहा। रामपुर रियासत का भारतीय गणराज्य में 5 मई 1949 को विलय हुआ था। मर्जर एग्रीमेंट पर नवाब रजा अली और तत्कालीन गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रतिनिधि के रूप में वीके कृष्ण मेनन ने हस्ताक्षर किए थे। इस मौके पर रामपुर के लोगों के नाम सरदार पटेल का पत्र पढ़कर सुनाया गया था।
मर्जर एग्रीमेंट के तहत नवाब ने अपनी पांच संपत्तियों को छोड़कर सभी अचल संपत्तियों को सरकार को दे दिया था। आजादी से पहले रामपुर में नवाबों का राज था। उनकी अपनी फौज थी, अपना रेलवे स्टेशन, अपना बिजलीघर, अपनी अदालतें, यानी सब कुछ अपना था। देश 1947 में आजाद हो गया, लेकिन रामपुर के नवाब दो साल बाद तक राज करते रहे। रामपुर में 1774 से 1949 तक नवाबों का राज रहा। नवाब फैजुल्ला खां पहले और रजा अली खां आखिरी नवाब थे।