रामपुर। सांसद आजम खां के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उनके करीबी पूर्व सीओ आले हसन पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। आले हसन के खिलाफ भी 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह जुलाई माह से भूमिगत चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी को पुलिस ने चार टीमों का गठन भी किया था, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
आले हसन की गिनती आजम खां के करीबी लोगों में होती है। आले हसन रामपुर में दरोगा से लेकर सीओ के पद पर रहे हैं। सपा शासनकाल में उनकी तैनाती रामपुर में ही होती थी। पिछली सपा सरकार में वह रामपुर में इंस्पेक्टर और सीओ सिटी के पद पर तैनात थे। सीओ से पद से रिटायर्ड होने के बाद आले हसन ने जौहर यूनिवर्सिटी में मुख्य सुरक्षा अधिकारी का पद संभाल लिया था। उन पर कई गंभीर आरोप है और 50 से अधिक मुकदमे भी दर्ज है। आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में अजीमनगर थाने में जो 28 मुकदमे दर्ज हैं उसमें आजम खां के साथ आलेहसन भी आरोपी है। इसके अलावा यतीमखाना और डूंगरपुर में लोगों के घरों पर बुल्डोजर चलाने के आरोप में भी उन पर मुकदमे दर्ज हैं। जुलाई 2019 में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को जौहर यूनिवर्सिटी स्थित उनके आवास पर छापा मारा था। उसके बाद से आले हसन गायब चल रहे हैं। पुलिस ने उनकी तलाश रामपुर से लेकर बुंलदशहर तक की थी, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया था। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया था। इसके बाद भी आले हसन का कोई सुराग नहीं लग पाया। आजम खां द्वारा पत्नी और बेटे सहित आत्मसमर्पण कर दिए जाने के बाद पुलिस ने आले हसन पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर पुलिस रणनीति बना रही है।