रामपुर। स्वार क्षेत्र के रजानगर गांव के एक युवक से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.20 लाख रुपये हड़प लिए थे। ठगी का मामला तब खुला जब युवक बरेली में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा और वहां उसे बताया गया कि यहां कोई वैकेंसी नहीं निकली है। उसे दिया गया नियुक्तिपत्र भी फर्जी निकला। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद बृहस्पतिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। स्वार कोतवाली क्षेत्र निवासी जुनैद के अनुसार उसे रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए गांव के ही इकरार, सरफराज और बंटी समेत कुछ अज्ञात लोगों ने जानकारी दी और नौकरी दिलाने के लिए छह लाख 20 हजार रुपये ले लिए। इसके कुछ समय बाद उसे बरेली जंक्शन में नौकरी का एक नियुक्तिपत्र दे दिया गया।
वह ज्वाइनिंग के लिए बरेली पहुंचा और स्टेशन मास्टर से मिला तो स्टेशन मास्टर ने बताया कि न तो यहां नौकरी निकली है और न ही उसे दिया गया आईकार्ड और नियुक्तिपत्र असली है। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने घर आकर आरोपियों से रकम वापस मांगी तो एक लाख रुपये दे दिए।
कुछ दिनों बाद जब उसने बाकी पैसे मांगे तो आरोपियों ने इन्कार कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद नामजद आरोपी आसिफ निवासी एमडीडीए इंदिरापुरम देहरादून और रजानगर गांव निवासी इकरार को बृहस्पतिवार को बिलासपुर मार्ग स्थित पीरानी के बाग से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। दोनों को जेल भेज दिया गया। कोतवाल संदीप त्यागी ने बताया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।