पूर्व मंत्री आजम खां के बेटे सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां मंगलवार को हरदोई जेल से रिहा होकर घर पहुंच गए हैं। उनके यहां पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। वह 17 महीने तक हरदोई जेल में बंद रहे, उनको 42 मामलों में जमानत मिलने के बाद रिहाई मिली है।
पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में 18 अक्तूबर 2023 को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 7 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। तब से वह हरदोई जेल में बंद थे। 17 महीने, तीन दिन बाद उनको जेल से रिहा कर दिया गया। हरदोई जेल से वह दोपहर करीब 12 बजे रिहा हुए थे, जहां से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के संग रामपुर आए हैं।
शाम करीब चार बजे के दौरान अब्दुल्ला आजम का काफिला सिविल लाइंस, जौहर अली रोड और स्वार रोड होता हुआ जेल रोड स्थित आवास पर पहुंचा था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनको यहां लाया गया था। यहां पर पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। अब्दुल्ला आजम ने भी कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
इसके बाद वह भाई अदीब से गले मिलकर भावुक हो उठे। अब्दुल्ला सफेद कुर्ता पयजामा और काली सदरी पहने हुए थे। उन्होंने बढ़े बालों की चोटी बांध रखी थी। इसके बाद वह मीडिया से बिना बात किए घर के भीतर प्रवेश कर गए। यहां बताते चलें कि मंगलवार को कोर्ट की ओर से सभी 42 मामलों में रिहाई के परवाने स्पेशल मैसेंजर के जरिए हरदोई जेल के लिए भेज दिए गए थे।
इस दौरान मुरादाबाद की सांसद रूचि वीरा, सपा के जिलाध्यक्ष अजय सागर, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान, अखिलेश कुमार, आसिम राजा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सनताम सिंह मट्टू, नासिर सुल्तान के साथ ही हरदोई, सीतापुर, मुरादाबाद, बिलारी समेत अन्य जिलों से आए कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।