निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने कहा कि उन्होंने दस वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्र की सेवा की है। आगे भी जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ अपने ही दफ्तर में तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज कराया है। वो अपने ही दफ्तर में तोड़फोड़ क्यों करेंगे? ये मुकदमा झूठा है।
उन्होंने पुलिस-प्रशासन को चुनौती दी कि रिपोर्ट दर्ज किया है तो गिरफ्तार भी करें। वो समर्थकों के साथ जेल जाने को तैयार हैं। अब्दुल सलाम मंगलवार को जिला पंचायत में समर्थकों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने किसी को बुलाया नहीं है। सभी लोग खुद ही आएं हैं।
फरवरी माह के प्रथम सप्ताह अंबेडकर पार्क में मीटिंग की जाएगी। सलाम ने कहा कि राजनीतिक दबाव में उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए गए थे। इसके खिलाफ वो कोर्ट गए, कोर्ट ने स्टे दे दिया। ये जानते हुए भी कार्यकाल में मात्र दो दिन शेष हैं, आज भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। ये उनके राजनीतिक विरोधियों हार है।
सलाम ने कहा कि राजनीतिक ताकत का न तो गलत इस्तेमाल किया है और न करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बेईमानी कराई गई। शिकायत की तो लाल सिंह पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उनके खिलाफ जिला पंचायत के कार्यालय में तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। वो गिरफ्तार होने के लिए तैयार हैं।
पुलिस उनको गिरफ्तार करे। इस मौके पर मुस्तफा हुसैन, हसीब अहमद, मुरशद पाशा, मेहंदी हसन, अली बहादुर, हाजी जुल्फिकार, मुजफ्फर अली, हाजी आलमगीर, रिजवान हुसैन, इमरान पाशा, अरशद पाशा, अमरीश सिंह, किशोर कुमार व निर्मल सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम की ओर से अपने समर्थकों के साथ मीटिंग किए जाने के दौरान पुलिस तैनात रही। टांडा एसओ सुरेंद्र सिंह और सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस जिला पंचायत के परिसर में मौजूद रही। खुफिया विभाग के अधिकारी भी सलाम की गतिविधियों की टोह लेते रहे।