बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैंकों में आउट सोर्सिंग को बंद करने की मांग की।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आहवान पर 28 फरवरी को बैंकों में हड़ताल रहेगी। बैंक कर्मी सोमवार को काम निपटाने के बाद केंद्र सरकार पर बैंक विरोधी और जन विरोधी का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद की सिविल लाइंस शाखा पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के हित में कार्य कर रही है। पूंजीपतियों के ऋणों को माफ किया जा रहा है। जबकि, गरीब किसान और मजदूरों का शोषण हो रहा है। उन्होंने बैंकों में आउट सोर्सिंग को बंद करने की मांग की।
जिला मंत्री एमके चौहान ने बताया कि केंद्रीय सरकार बैंकों में तेजी से बढ़ते एनपीए को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। पूंजीपति जानबूझकर ऋण की अदायगी नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने पूंजीपतियों पर फौजदारी के मुकदमें, नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों ने जो अतिरिक्त कार्य किया है उसकी प्रतिपूर्ति देने और बैंक में आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में शुऐब मियां, जेके शर्मा, अशोक अग्रवाल, राजेश मलिक, जीडी जोशी, कैलाश चंद्र, मल्लन, प्रदीप कुमार अग्रवाल, संजय कुमार, महबूब, बीएस राना, उमेश चंद्र शर्मा, ओमप्रकाश, महेश कुमार गुप्ता, सुनील कुमार, हेमंत गुप्ता, दीपक कुमार, तस्लीम मियां, धनराज, अतुल, सुमित यादव, आशुतोष गुप्ता, अशोक कुमार, अमर कुमार, मोबीन आशीष, राजेश कुमार, उमेश कुमार भी शामिल थे।