रामपुर। हादसे में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा बेहद अहम होता है। इसी ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए तो जीवन बचाने की संभावना बढ़ जाती है। अब हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये और प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा। जिले में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत अब तक 39 गंभीर घायलों को निःशुल्क उपचार का लाभ मिल चुका है।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही उपचार शुरू किया जाए। आपात स्थिति में कागजी औपचारिकताओं के कारण उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए। डीएम के अनुसार सड़क हादसे के बाद घायल की मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राह-वीर योजना पर भी जोर दिया जा रहा है।
हादसे के बाद घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि अक्सर पुलिस या कानूनी प्रक्रिया के डर से लोग हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। राह-वीर योजना का उद्देश्य ऐसी झिझक दूर कर लोगों को घायलों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है।