रामपुर। सीआरपीएफ की16 वीं बटालियन की मेस ट्रेजरी से 78, 949 रुपये डुप्लीकेट चाबी बनवाकर निकालने के आरोपी दोनों जवानों को रविवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी जवान निर्भय प्रताप सिंह निवासी गांव पाती थाना कदई (प्रतापगढ़) और धर्मेंद्र निवासी थाना फूलपुर इलाहाबाद को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद 16वीं बटालियन के कमांडेंट ने दोनों को निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ की 16वीं बटालियन के अधिकारियों ने दो जवानों को सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस के हवाले कर दिया। उनके ऊपर बटालियन की मेस ट्रेजरी की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर 78,949 रुपये निकालने का आरोप है। ये रुपये कुछ दिन पहले गायब हुए जो शनिवार को मिल भी गए थे। इस मामले में बटालियन के सहायक कमांडेंट मोहन सिंह ने 5 अक्तूबर मेस प्रभारी रनबीर सिंह के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। पैसे मिलने के बाद जब अधिकारियों ने जांच शुरू की तो निर्भय प्रताप सिंह व धर्मेंद्र उनको कुछ शक हुआ। दोनों जवानों के शक के दायरे में आने के बाद अधिकारियों ने खुद ही उनको पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पहले दर्ज 409 के मुकदमे को चोरी में तरमीम करते हुए दोनों जवानों का नाम रिपोर्ट में शामिल करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी जवानों को रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जवानों ने खुद को बताया बेगुनाह
रामपुर। चोरी की आरोप में गिरफ्तार किए गए सीआरपीएफ की 16 वीं बटालियन के जवानों ने अपने को बेगुनाह बताया। निर्भय प्रताप सिंह ने कहा कि उसको साजिश के तहत फंसाया गया है। बटालियन का एक अधिकारी उससे रंजिश रखता है। उसने जानबूझ कर उसे फंसाया है। धर्मेंद्र ने कहा कि जहां पैसे बरामद हुए वहां मेरी ड्यूटी थी, लिहाजा के बटालियन के अधिकारी ने मुझे आरोपी बना दिया। दोनों ने कहा कि वो अपनी लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ेंगे।
रनबीर को क्लीन चिट
रामपुर। सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने गबन के मुकदमे को चोरी में तरमीम करने के बाद उसमें से रणबीर सिंह का नाम निकाल दिया है। रुपये गायब होने के मामले में पुलिस ने पहले रनबीर के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया था।