रामपुर/बिलासपुर। डेंगू का खौफ थम नहीं रहा है। बिलासपुर में एक डेंगू पीड़ित की मौत हो गई है। इधर जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रविवार को छह और बुखार से पीड़ित मरीजों को इस वार्ड भर्ती कराया गया। आलम यह है कि बेड पर भी एक से अधिक मरीजों को लिटाना पड़ा।
बिलासपुर की ग्राम पंचायत मिलक मुंडी निवासी अब्दुल हमीद का पुत्र मोहम्मद अनीस (35) मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, युवक को दो दिन पूर्व बुखार आया था। पहले तो युवक का गांव में ही उपचार कराया, मगर बाद में एक निजी नर्सिग होम में लेकर आए। रविवार की सुबह उपचार के लिए ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। उधर, नगर के मोहल्ला भटटी टोला निवासी सुरेश शर्मा व उनका पुत्र, इसी मोहल्ले के ही इमरान, सलाउददीन, नदीम, मुनीष, अनीता भी रहस्यमय बुखार से ग्रस्त हैं। सभी का रूद्रपुर के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
इधर, जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में दस बेड है। जबकि मरीजों की संख्या अब इससे डेढ़ गुना अधिक हो गई है। अहमद नगर जागीर निवासी सायरा, पनवड़िया के सरताज, केमरी की नाजिया, पहाड़ी गेट की शाहनी, मोहम्मद इस्लाम, स्वार के शांतिलाल बुखार होने के चलते इस वार्ड में भर्ती किए गए है। इनके परिजनों का कहना है कि कई दिनों से इन्हें बुखार था। आसपास के चिकित्सकों को जब दिखाया तो उन्होंने डेंगू की आशंका जताते हुए इलाज से हाथ खड़े कर दिए। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया तो डेंगू वार्ड में भर्ती कर लिया गया। वहीं डेंगू वार्ड में बेड कम पड़ने लगे हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से बेडों की संख्या बढ़ाये जाने को लेकर कोई जुगत नजर नहीं आ रही है। सीएमएस डॉ. आरके भारद्वाज ने बताया कि वार्ड में दस बेड है। बेडों की कमी पर ध्यान दिया जा रहा है। जो मरीज आ रहे है उनके ब्लड सैंपल जांच को भेजा जा रहा है।
सैफनी ने पांच मरीजों में डेंगू के लक्षण
सैफनी (ब्यूरो)। कस्बे में डेंगू ने पैर पसार दिए हैं। कस्बा निवासी भाकियू के जिला उपाध्यक्ष डॉ. सईद अख्तर के परिवार में पांच लोगों में डेंगू केलक्षण डाक्टरों ने बताए हैं। उनके परिवार में सना (17), बबली (30), जावेद अख्तर (22), शिम्मी(14) व शावेज (15) को कुछ दिन पूर्व बुखार आने पर निजी डाक्टर से उपचार कराया था। बेहतर इलाज को मुरादाबाद ले गए। जहां जांच में प्लेटलेटस काफी कम निकलने पर उनमें डेंगू लक्षण बताए गए हैं। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव हनीफ वारसी ने रविवार को संगठन जिला उपाध्यक्ष के घर जाकर डेंगू पीड़ित परिजनों का हालचाल पूछा। उन्होंने रोग फैलने पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग से उसकी रोकथाम को प्रभावी कदम उठाये जाने की मांग की।
दो जिंदगी निगलने पर नहीं चेता महकमा
मिलक (ब्यूरो)। बुखार से बालिका समेत दो लोगों की जिंंदगी जाने पर भी स्वास्थ्य महकमा नहीं चेता। सीएचसी पर शनिवार को बुखार के इलाज को लाई गई दो साल की श्र्रष्टि को डाक्टरों ने मृत घोेषित कर दिया था। जिस पर परिवार वाले उसके शव को ले गए थे। जिसकी मौत का मैमो सीएचसी से पुलिस को भेजकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं दूसरी ओर नगर के मोहल्ला रोरा खुर्द निवासी मनोज को शनिवार रात सीएचसी पर बुखार से बिगड़ी हालत पर लाया गया था, लेकिन सीएचसी पर लाए गए डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया गया था। परिवार वाले मृत घोषित किए गए युवक को शरीर में गरमी होने पर बरेली ले गए थे, लेकिन आखिरी समय की कवायद भरी आस युवक की मौत की पुष्टि पर टूट गई। युवक का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। उधर स्वास्थ्य महकमे ने झोला छाप डाक्टरों से इलाज चलने की बात कहकर किनारा कर लिया है।