रामपुर। जिला सहकारी बैंक अब अपने बकायेदार खातेदारों के लॉकर तोड़ेगी। कर्ज वसूली के लिए जिला सहकारी विकास संघ की जमीन खरीदी जाएगी। बैंक कर्मियों के मामलों का निस्तारण भी शीघ्र किया जाएगा। फसली ऋण वितरण की भी नई नीति लागू की गई है। जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) के चेयरमैन सलीम कासिम की अध्यक्षता में हुई प्रबंध समिति की बैठक में 2012-13 के ऑडिट नोट एवं उसके अनुपालन का अनुमोदन और एक मुश्त समझौता योजना लागू करने का फैसला लिया गया। फसली ऋण की भी नई नीति लागू की गई। इसके तहत किसानों को अब साल भर के लिए फसली लोन मिल सकेगा। बैठक में मामला उठाया गया कि तमाम बैंक ग्राहकों ने लॉकर ले रखे हैं। अपना माल रखकर न तो उन्होंने किराया दिया है और न ही माल लेने के लिए आए हैं। लॉकर में माल जमा करने वाले अधिकतर ग्राहकों का पता भी नहीं चल रहा है। बकायेदारों की सूची भी लंबी हो गई है। बोर्ड ने फैसला लिया कि बकायेदार और लंबी अवधि से अपरिचित लॉकर्स मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तोड़े जाएंगे।
बोर्ड ने मामला उठाया कि जिला सहकारी विकास संघ (डीसीडीएफ) की टांडा में एक करीब एक एकड़ भूमि है। बैंक का डीसीडीएफ पर बकाया है। फैसला लिया कि शासन के आदेश पर भूमि का बैंक बकाया में समायोजन के लिए क्रय किया जाएगा। बैंक कर्मियों के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने, अपीलीय अधिकारी की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया। इस मौकेपर उप सभापति निधि रूहेला, संचालक अब्दुल गनी, जमील अहमद अंसारी, मोहम्मद यासीन, देवेंद्र कुमार दिवाकर, भूपेंद्र कुमार विश्नोई, अशफाक अहमद, जावेद खां, मुसव्वर खां भी थे।