रामपुर। सीआरपीएफ हमले के मामले में अभियोजन की ओर से गवाह होमगार्ड ने गवाही देने से ही इंकार कर दिया। अभियोजन की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दिया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने डिस्चार्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कोर्ट अब मामले की सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
31 दिसंबर 2007 की रात में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमला हुआ था। इस हमले में सात जवान शहीद हो गए थे। एक रिक्शा चालक किशन लाल की मौत हो गई थी। इसमें एसटीएफ व एटीएस की टीम ने मोहम्मद फारुख, गुलाब खां, इमरान, शहजाद, सबाउद्दीन उर्फ सबा, मोहम्मद शरीफ, जंगबहादुर, मोहम्मद कौसर, मुंबई निवासी फईम को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई रामपुर कोर्ट में चल रही है। इसी क्रम में सोमवार को आतंकियों को कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के दौरान घटना के गवाह होमगार्ड आफताब ने कोर्ट पहुंचकर बयान देने से इंकार कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह को डिस्चार्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें कहा गया कि वह सही बात कोर्ट में नहीं बता रहा है। कोर्ट ने सुनवाई कर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। गवाह को डिस्चार्ज करने के आदेश जारी कर दिए। करीब घंटे भर तक चली सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा रही। मामले की सुनवाई 19 फरवरी को होगी।