रामपुर। 26/11 हमले के तार रामपुर के सीआरपीएफ आतंकी हमले के आरोपी फईम और सबाउद्दीन उर्फ सबा से भी जुड़े थे। मुंबई पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। हालांकि बाद में दोनों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में इस आरोप से बरी कर दिया था।
सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर की 2007 की रात में उस वक्त आतंकी हमला हो गया था, जब लोग नए साल के जश्न में डूबे हुए थे। आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए सात जवानों और एक रिक्शा चालक को मौत के घाट उतार दिया था। राज्य व केंद्र सरकार की नींद उड़ा देने वाले इस हमले के गुनाहगारों को पकड़ने के लिए एटीएस, एसटीएफ की टीमों को लगाया गया और फिर इस मामले में हमले केचालीस दिन बाद 24 फरवरी 08 लोगों को पकड़ा था,इसमें पाक आतंकियों के साथ ही मुंबई के गोरेगांव निवासी फईम अरशद अंसारी और बिहार के मधुबनी निवासी सबाउद्दीन उर्फ सबा को भी पकड़ा गया था। इस मामले में सभी आठों आरोपी जेल में हैं। सीआरपीएफ क ांड के करीब 11 माह बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हमला हुआ था,जिसमें एक मात्र जिंदा आतंकी अजमल आमिर कसाब को बुधवार को फांसी दे दी गई। इस हमले के तार सीधे तौर पर सीआरपीएफ हमले के आरोपी फईम और सबा से जुड़े थे। पुलिस और एटीएस ने फईम के कब्जे से ताज होटल के नक्शे बरामद किए गए थे। इसके साथ ही पाकिस्तानी फर्जी पासपोर्ट और पाकिस्तान में निर्मित पिस्टल भी बरामद की थी। इस मामले की जानकारी होने के मुंबई की एटीएस भी रामपुर पहुंची थी,जहां से फईम और सबा को मुंबई ले जाया गया था। इसको लेकर कोर्ट मेें केस भी चला। हालांकि कोर्ट ने दोनों को मुंबई हमले केआरोप से बरी कर दिया था।