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Rampur News: चार साल में 1351 सड़क हादसों में 977 लोगों की गई जान

Sun, 12 May 2024 10:46 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों में लोग अपनी जान गवां रहे हैं, जिसमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। रामपुर जिले में पिछले चार साल के आंकड़ों की बात करें तो विभिन्न मार्गों पर हुए 1351 सड़क हादसों में 977 लोग जान गवां चुके हैं। जबकि 789 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें अधिकतर हादसे हाईवे से ही जुड़े हुए हैं। खराब सड़कें और यातायात नियमों की अनदेखी लोगों के जीवन पर भारी पड़ी।
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ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो, इसके लिए भले ही सरकार नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चला रही हो, लेकिन ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है। यहां औसतन प्रतिदिन या दूसरे दिन सड़क हादसे में मौत हो रही है। जबकि सड़क हादसे लगातार हो रहे हैं। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के आई रेड पोर्टल द्वारा जारी रामपुर जिले में पिछले चार साल के आंकड़े देखें तो 977 लोग सड़क हादसों में परिवार से जुदा हो चुके हैं। जनवरी 2021 से अप्रैल 2024 तक 1351 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 977 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें 18 से 30 साल उम्र के युवाओं की संख्या अधिक है। जो बहुत दुखी करने वाला है, इन सड़क हादसों से जनता को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। ज्यादातर सड़क हादसे लखनऊ-दिल्ली हाईवे, बाईपास, कोसी पुल व अन्य स्थानों पर हुए हैं। अधिकारियों की माने तो हादसे बढ़ने के पीछे कहीं न कहीं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी है। ट्रिपल राइडिंग और सीट बेल्ट न होने की वजह से यह हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही हेलमेट को लेकर भी लोगों की जागरूकता न होने से नियमों की अनदेखी की वजह से लगातार हादसे बढ़ रहे हैं। जिनको लेकर जागरूकता की बेहद जरूरत है।
यहां होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
हाईवे पर कोसी जीरो प्वाइंट, पसियापुरा बाईपास, मंसूरपुर बाईपास, शहजादनगर जीरो प्वाइंट, धमोरा, मिलक में बाईपास, नैनीताल रोड पर बिलासपुर गेट, चाकू चौराहा, बिलासपुर में बाईपास, स्वार रोड पर मंडी समिति चौराहा, खौद चौराहा, स्वार बाजपुर रोड, रामपुर दढि़याल मार्ग, शाहबाद रोड पर रायपुर, पटवाई रोड, रामगंगा पुल।
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जानलेवा साबित हो रहे हैं डंपर, जा रही जान

सड़क पर दौड़ रहे डंपर जानलेवा साबित हो रहे हैं। खासतौर से स्वार, शाहबाद व बिलासपुर रोड पर खनन से भरे डंपर तेज गति से दौड़ रहे हैं। खनन से भरे डंपरों की वजह से दिक्कत हो रही है। डंपरों की वजह से पिछले छह माह में ही करीब छह से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

आई रेड के जरिए होती हादसों की निगरानी
जिले में होने वाले हादसों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से आई रेड पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इसके जरिए हर जिले में होने वाले हादसों का डाटा तैयार किया जाता है। आई रेड के जरिए पुलिस के साथ ही कई विभागों को जोड़ा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, मोटर दुर्घटना प्रतिकर कोर्ट समेत अन्य विभागों को शामिल किया गया है। यह सभी विभाग हादसों की वजह जानने की कोशिश करेंगे।
रामपुर में 1 जनवरी 2021 से 30 अप्रैल 2024 तक के आंकड़े -

कुल हादसे हुए - 1351, कुल हुई मौत-977, गंभीर घायल हुए -789, मामूली घायल-751, कुल प्रभावित लोग-2517

13 थाना क्षेत्रों में हुए हादसे - सिविल लाइंस में 188, स्वार क्षेत्र में 127, शहजादनगर में 127, शाहबाद में 126, बिलासपुर में 120, टांडा में 112, केमरी में 74, भोट में 53, पटवाई में 55, अजीमनगर में 49, गंज में 38, सैफनी में 26, कोतवाली में 16 हादसे हुए।
आई रेड के जरिए कई विभागों को जोड़ा गया है, जिसमें मुख्य रूप से पुलिस व परिवहन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को शामिल किया गया है। सभी विभाग हादसों की वजह जानने की कोशिश करते हैं। - मोहम्मद नाजिम, डिस्ट्रक्ट रोल आउट मैनेजर
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