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डीएम के आदेश के बाद भी वार्ड नहीं बन सके बंद कमरे

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रामपुर। जिला अस्पताल के बंद कमरे जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी वार्ड नहीं बन सके। अस्पताल प्रशासन ने डीएम के आदेशों को भी हवा में उड़ा दिया। अपर जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई। उन्होंने भोजन की भी गुणवत्ता परखी। साथ ही कहा कि अस्पताल तीन सौ का स्वीकृत है। ऐसे में अस्पताल की क्षमता तीन सौ बेड की कराने के लिए शासन से अनुरोध किया जाएगा।
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रविवार को अपर जिलाधिकारी जगदम्बा प्रसाद गुप्ता एवं नगर मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार गुप्ता अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। अपर जिलाधिकारी ने सबसे पहले बंद कमरों को देखा। उन्होंने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बंद कमरों को वार्ड बनाकर चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन्हें अब तक चालू नहीं कराया गया है। ऐसे में आगामी एक सप्ताह में इन्हें चालू करा दिया जाए। एडीएम ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया, जहां सफाई व्यवस्था तो पहले से बेहतर मिली। उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों से भी बात की। निर्देेश दिए कि किसी भी कीमत पर एक बेड पर दो मरीज न हों। रसोई में जाकर मरीजों को दिए जाने वाले भोजन का भी निरीक्षण किया। खाने की गुणवत्ता चेक की, जिसमें पहले से कुछ सुधार मिला। उन्होंने खाने की व्यवस्था को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी ने रामपुर को नया नारा दिया है। इसमें स्वच्छ और सुन्दर रामपुर के साथ स्वस्थ रामपुर को भी जोड़ा गया है। कहा कि आगामी एक सप्ताह में अस्पताल का फिर से निरीक्षण किया जाएगा, जहां कोई कमी मिली तो सीधे कार्रवाई होगी। बताया कि अस्पताल वर्तमान में डेढ़ सौ बेड का है, जबकि स्वीकृति तीन सौ बेड की है। ऐसे में जिलाधिकारी के स्तर से शासन से अस्पताल को तीन सौ बेड का कराने का अनुरोध किया जाएगा।
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