रामपुर। पहले अपनी गरीबी और मुफलिसी का हवाला देते हुए सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटित करा लिया लेकिन, आवास बनने के बाद उस पर योजना का लोगो ही लाभार्थियों की आंखों को खटकने लगा। नतीजतन लाभार्थियों ने आवास का काम पूरा होने के बाद लोगो को छिपा दिया या मिटा दिया। नगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान इस प्रकार के मामले सामने आने पर विभाग भी सख्त हो गया है। विभाग ने संबंधित लाभार्थियों को योजना का लोगो बनाने और प्रदर्शित करने को कहा है। साथ ही ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग आवास आवंटित किए गए हैं। इनमें लाभार्थी स्वयं आवास का निर्माण करा रहे हैं, इसके लिए उन्हें तीन किस्तों में निर्माण धनराशि दी जा रही है। नगरीय क्षेत्र में डूडा और ग्रामीण क्षेत्र में डीआरडीए की ओर से आवासों के लिए चयनित पात्रों को मानकों और सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के बाद धन आवंटित किया जा रहा है।
नगरीय क्षेत्र में अब तक 1255 लोगों को निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है, और 619 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है। दूसरी किस्त के बाद सिर्फ फिनीशिंग के लिए धनराशि दी जाती है और आवास लगभग बनकर रहने लायक तैयार हो जाता है।
नगर क्षेत्र में लगभग तैयार हो चुके कई आवासों में लाभार्थियों ने रहना भी शुरू कर दिया है। ऐसे ही आवासों में से दो आवासों में निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों द्वारा आवास के बाहर बनाए गए प्रधानमंत्री आवास योजना के लोगो को मिटाने या छिपाने का मामला सामने आया है।
विभागीय टीम के सदस्यों के निरीक्षण में जब यह बात सामने आई तो लाभर्थियों से इस बारे में पूछा गया। इस पर किसी ने घर में शादी तो किसी ने अन्य वजह से लोगो से शर्मिंदगी का अहसास होने की बात कही। यानि जब आवास नहीं था तो उसे पाना इन लोगों की जरूरत थी और जब अब आवास मिल गया तो योजना का नाम दर्शाने में इन लोगों को शर्म महसूस हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के जिला समन्वयक पवन श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे दो मामले शाहबाद गेट और मिस्टन गंज क्षेत्र में सामने आए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (नगरीय) की फैक्ट फाइल
जिले में पहले चरण में कुल 3068 आवासों की डीपीआर भेजी गई।
डीपीआर में से 2370 लाभार्थियों की अटैचमेंट की प्रक्रिया की गई।
2370 लाभार्थियों में से 1974 की जियो टैगिंग की जा चुकी है।
410 आवेदक जांच में अपात्र पाए गए, जिस पर उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।
1255 लाभार्थियों को निर्माण कार्य की प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है।
619 लाभार्थियों को निर्माण कार्य की दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय के तहत बनाए गए दो आवासों में योजना का लोगो छिपाए और मिटाए जाने की बात सामने आई है। संबंधित लाभार्थियों को योजना का लोगो प्रदर्शित करने को निर्देशित कर दिया गया है। ऐसा न किए जाने पर कार्रवाई को भी चेताया है। -आदित्य कुमार, पीओ-डूडा