आनी (कुल्लू)।
सौ साल पुराने दलाश स्कूल में इन दिनों समस्याओं का अंबार लगा है। आनी खंड की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दलाश में साइंस संकाय को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। यहां मैदान और स्कूल भवन की हालत भी जर्जर बन चुकी है। स्कूल के पिछले भाग में लगातार भूस्खलन हो रहा, जिससे भवन को भी खतरा बना हुआ है। दलाश बाजार का पूरा पानी स्कूल परिसर में आ जाता है। ऐसे में छात्रों को बरसात में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
समस्याओं के समाधान के लिए विभाग और नेताओं से गुहार लगाई गई। लेकिन किसी ने समस्या को दूर करने में रुचि नहीं दिखाई। दलाश स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आशिष कटोच का कहना है कि दलाश स्कूल में पढ़ाई की गुणवत्ता को देखते हुए निजी स्कूलों से करीब 150 छात्रों ने दाखिला लिया है। इनमें जमा एक व दो कक्षाओं में 25 छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जमा दो में विज्ञान संकाय की कक्षाओं को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। यहां अंग्रेजी, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रवक्ता के पद खाली पडे़ हैं। एक-एक कर यहां से उक्त साइंस संकाय के शिक्षकों का तबादला तो कर दिया पर उनकी जगह किसी की नियुक्ति नहीं की गई। उन्होंने प्रदेश सरकार से यहां के लिए शिक्षकों की तैनाती की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल मैदान का डंगा ढह गया है। इससे करीब 420 छात्रों को दिक्कत हो रही है। बरसात के समय दलाश बाजार का पूरा पानी स्कूल परिसर तक पहुंच जाता है, जिससे छात्रों को आवाजाही में अधिक मुश्किल हो रही। उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक कुल्लू जगदीश का कहना है कि सभी खाली पदों को भरने के लिए सरकार को लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मैदान और अन्य मरम्मत कार्यों को करवाने के लिए एस्टिमेट बनवा कर उपायुक्त के माध्यम से समाधान करने की कोशिश की जाएगी।