रामपुर। जिले के करीब 53 हजार से ज्यादा उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर बिजली निगम का 128.35 करोड़ रुपये बकाया है। यह उपभोक्ता बिजली का बिल जमा नहीं कर रहे हैं। कई बकायेदारों के कनेक्शन भी काट दिए गए हैं। लेकिन ऐसे बकायेदारों के लिए सरकार ने पहल की है। एक दिसंबर से प्रदेशभर में लागू हो रही बिजली बिल राहत योजना से उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिलेगा। बकायेदार उपभोक्ताओं पर लगे दंड और ब्याज पर सौ प्रतिशत की छूट मिलेगी। इतना ही नहीं सरकार पहली बार बिल के मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट भी देगी।
जिले में लगभग 3.84 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। जिसमें करीब 53 हजार उपभोक्ताओं पर 128.35 करोड़ रुपये बकाया है। विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी बकायेदार भुगतान नहीं कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने बिजली राहत योजना की घोषणा की है जो तीन चरणों में 28 फरवरी तक लागू रहेगी।
योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को दो किलोवाट तक और व्यवसायिक उपभोक्ताओं की एक किलोवाट तक पंजीकरण कराकर एक माह के भीतर भुगतान करने पर सौ प्रतिशत ब्याज माफ होगा। इसके साथ ही मूल बिल में 25 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। जिससे उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ होगा। पहले चरण की अवधि एक दिसंबर से 31 दिसंबर, दूसरे चरण की अवधि एक जनवरी से 31 जनवरी और तीसरे चरण की अवधि एक फरवरी से 28 फरवरी तक रखी गई है। इस दौरान उपभोक्ता अपना पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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बिजली चोरी में फंसे 13158 लोग भी ले सकेंगे योजना का लाभ
बिजली चोरी में फंसे 13158 लोगों पर विभाग का 64.10 करोड़ रुपये बकाया है। इनसे वसूली के लिए आरसी भी जारी की गई है लेकिन बिजली राहत योजना उनके लिए भी फायदेमंद साबित होगी। पंजीकरण कराकर समय पर भुगतान करने पर उन्हें ब्याज में छूट और मूल बिल में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
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जिलेभर में बकाया जमा न करने वाले उपभोक्ता और बिजली चोरी में पकड़े गए लोग बिजली राहत योजना में पंजीकरण कराकर अपना बकाया बिल पहले चरण में जमा करते हैं, तो ब्याज तो माफ होगा ही साथ ही मूल बिल में 25 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। इस प्रकार बकायेदार योजना का लाभ ले सकते हैं।
- पीके शर्मा, कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता