रामपुर। नगर पालिका की ओर से 101 दुकानों की नीलामी की गई। लेकिन, महज आठ दुकानों की ही नीलामी हो सकी। अन्य दुकानों के लिए तो किसी ने कोई बोली ही नहीं लगाई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम रहे।
सपा सरकार में नगर पालिका की ओर से शहर में तमाम दुकानों का निर्माण हुआ था। बी अम्मा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के साथ ही राधा रोड, पुरानी तहसील, पुराना गंज, मिस्टन गंज समेत शहर के तमाम इलाकों में दुकानें बनाई गईं थीं, जिनमें से काफी दुकानों का आवंटन भी कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी तमाम दुकानेें खाली थीं। सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद फिर से नगर पालिका ने दुकानों की नीलामी करने का प्लान बनाया, लेकिन इस बार नीलामी गुपचुप तरीके से करने के आरोप लगे, जिसकी जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। इस पर दुकानों की नीलामी निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद शनिवार को एक बार फिर नीलामी की गई। पुरानी तहसील स्थित अबुल कलाम आजाद मार्केट की ही 44 दुकानें, कोतवाली के पास बी अम्मा शॉपिंग काम्प्लेक्स में 40, टीपू सुल्तान मार्केट, पुराना गंज एवं गुरूनानक रोड पर दो, भैंसखाना में पांच एवं जिला अस्पताल के सामने एक दुकान समेत कुल 101 दुकानों को नीलामी में शामिल किया गया था, जिसके लिए शनिवार को बोली लगाई गई। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच महज आठ दुकानों की ही नीलामी हो सकी। इसमें टीपू सुल्तान मार्केट की दो दुकानें शामिल हैं, जिसमें दुकान संख्या 26 की 19.51 लाख रुपये बोली लगाई गई। इसके साथ ही दुकान बोलीदाता को दे दी गई, जिसका मासिक किराया 6826 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा इसी मार्केट में दुकान संख्या 27 हुई, जिसकी 16 लाख रुपये बोली लगाई गई। इसके अलावा जिला अस्पताल के सामने की छह दुकानों की नीलामी की गई।