रामपुर। कोरोना संक्रमण की चपेट में आए कई संक्रमित अपने बारे में गलत सूचनाएं देकर जहां एक और स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, वहीं कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार उपचार व आइसोलेशन न करने के कारण अन्य लोगों के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने का काम कर रहे हैं। जिले में 39संक्रमित ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना जांच कराते समय अपने पते व मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा दिए हैं। जिस कारण इन्हें ट्रेस कर उपचाराधीन व आइसोलेट करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रशासन भी ऐसे संक्रमितों से सख्ती पेश आने की तैयारी में है और महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच गलत सूचनाएं देकर जांच कराने वालों ने भी मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं। जिले में 39 लोगों ने गलत पते व मोबाइल नंबर देकर कोरोना जांच करा ली और जब जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि पर इन्हें आइसोलेट करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई तो यह संक्रमित मिले ही नहीं। 21 अप्रैल को जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में 747 संक्रमितों की सूचना जारी की गई है, जो कि आइसोलेशन में हैं। इनमें से 560 संक्रमित होम आइसोलेशन, 79 संक्रमित अन्य जिलों में आइसोलेटेड, अन्य जिलों में 33 संक्रमित भर्ती हैं, एल-2 आइसोलेशन में 19 संक्रमित हैं, सीआरपीएफ आइसोलेशन में चार, जिला कारागार में 1 और टीएमयू में 12 संक्रमितों के आइसोलेटेड होने की सूचना के साथ ही 39 ऐसे संक्रमितों की सूचना भी है जो कि गलत पते और मोबाइल नंबर दर्ज कराए हुए हैं।
कई लोगों ने जांच के वक्त अपने पते और मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा दिए हैं। जिसके बाद अब जांच करने से पहले आशंकित व्यक्ति द्वारा दिए जा रहे मोबाइल नंबर पर कॉल कर नंबर सही होने की पुष्टि की जा रही है। इसके साथ ही जिन संक्रमितों के पते व मोबाइल नंबर पूर्व में गलत दिए गए हैं उनकी तलाश की जा रही है। ऐसे मामलों में अब महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।-रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी