रिकांगपिओ (किन्नौर)। कोरोना संक्रमण की दृष्टि से जनजातीय जिला किन्नौर संवेदनशील होता जा रहा है। इसकी वजह यह है कि जिले में बाहरी राज्यों से आ रहे मजदूर और पर्यटक आए दिन पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। इससे जिले के ग्रामीण सहमे हुए हैं। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में कोरोना संक्रमण से 33 वर्षीय युवक की मौत हो गई है, जबकि सोमवार को संक्रमण के 37 नए मामलों की पुष्टि हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि जिले में सोमवार को कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 36 प्रवासी मजदूर और एक व्यक्ति स्थानीय पोवारी गांव से संबंधित हैं। 17 अप्रैल के लंबित 49 मामलों की रिपोर्ट सोमवार को आई है, जिनमें 33 लोग पॉजिटिव जबकि सोमवार को लिए सैंपल में दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 128 पहुंच गई है, जबकि संक्रमण से अभी तक 17 लोगों की मौत हो गई है।
जनजातीय जिले में कोरोना वायरस घातक रूप धारण कर सकता है। आए दिन बाहरी राज्यों से मजदूरों का जिले में आना हो रहा है और यहां वे कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। रिकांगपिओ पहुंचे 32 मजदूर संक्रमित पाए गए हैं, जो यहां होटलों में ठहरे हुए थे। ये सभी मजदूर काजा में किसी ठेकेदार के पास काम करने जा रहे थे।
किन्नौर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल सिंह नेगी की अध्यक्षता में उपाध्यक्ष प्रिया नेगी, सदस्य शांता नेगी ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। सोमवार को जिप सदस्यों ने उपायुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस संबंध में मुलाकात की। निहाल सिंह ने कहा कि जिले में मजदूरों और पर्यटकों के आने से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए उन्होेंने चौरा पुलिस बैरियर में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों और पर्यटकों की कोरोना जांच करने की मांग उठाई है।
उपायुक्त किन्नौर हेमराज बैरवा ने कहा कि जितने भी मजदूर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्हें होटलों में ही 10 दिन के लिए आइसोलेट किया गया है। ये किस ठेकेदार के पास काम करने आए थे, इसकी जांच की जाएगी।